सतवास में 24 दिसम्बर को हुई घटना के 9 माह बाद भी प्रकरण दर्ज न होने पर सतवास के जागरूक नागरिकों और पीड़ित परिवार ने प्रशासन को सद्बुद्धि हेतु एकादश हनुमान चालीसा पाठ और केंडल मार्च निकाला गया
24 दिसम्बर 2025 को सतवास में तहसीलदार अरविंद दिवाकर की हठ धर्मिता ने दो मासूम ज़िंदगी को म्रत्यु दे दी एक ऐसी शिकायत जो पूर्ण रूप से निराधार थी उसने नगर एक पत्रकार और प्रतिष्ठित परिवार जन को न्याय मांगने के लिए सड़क पर आने मजबूर कर दिया
*पीड़ित परिवार ने गिनाई सिस्टम की कमी* - माता पिता खोने वाली बेटी महिमा व्यास का कहना है 7 दिन में कार्रवाई का आश्वासन दिया था प्रशासन ने पर आज 9 माह बाद भी FIR दर्ज नही हुई है जब FIR नही हुई तो पीड़ित जन उच्च न्यायालय गए जहाँ पर पीड़ित परिवार ने FIR करने की माँग की थी जिस पर 120 दिन में सघन जाँच उपरांत दोषियों पर FIR दर्ज करने का आदेश है पर पुलिस और प्रशासन ने आज दिनांक तक कोई करवाई नही की
*FIR किये जाने के क्या है आधार परिजनों के पास* - जैसा कि दीपिल व्यास ने बताया कि घटना स्थल से एक मोबाइल पीड़ित परिवार को मिला था । जो कि पुलिस को सौंप दिया गया । जिसकी जाँच में वह तकनीकी रूप से तहसीलदार अरविंद दिवाकर का पाया गया और इसे घटना का सबसे महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है । क्योंकि उक्त मोबाइल में मिली चैट में तहसीलदार और षडयंत्रकर्ता के बीच घटना से जुड़ी और उसे किये जाने की लंबी चैट है ।जो सीधा यह इशारा करती है कि घटना हुई नही की गई है । और यही आधार है तहसीलदार के पद के दुरुपयोग और आत्महत्या जैसे कदम के उकसाने का आधार है
*FIR में अड़चन क्यो और कौन*- हमने कानून के विषय विशेषज्ञ एडवोकेट श्रीरूपेश यादव से बात की उनका कहना है मर्ग तो बना ही है जैसे आम आत्महत्या के प्रकरण में जाँच होती है वैसे इसमें नही हुई । जब परिजनों ने बयान दे दिए वह नेगेटिव है तो भी वह आधार है प्रकरण का , घटना का फुटेज है वह भी आधार है , पुलिस बल का न जाना घटना वाले दिन पूरी करवाई को फर्जी बताता है । वही सबसे बड़ा साक्ष्य जो मोबाइल मिला है वह डिजिटल साक्ष्य है जिसमें तहसीलदार जैसे व्यक्ति दूसरे पक्षकार से निर्देश लेकर कारवाई कर रहे थे 6 माह से वो परिवार टारगेट था उस चैट में यह पाया गया इतने साक्ष्य के बाद प्रकरण पंजीबद्ध न करना समझ से परे है
पर एक नियम यह है विभागीय जाँच में दोषी पर भी प्रकरण दर्ज किया जाता है जो कि जिला कलेक्टर सौप दे पुलिस को तो वह किया जा सकता है
परिजन अब कलेक्टर देवास से पिछले दिनों हुई जनविश्वास शिविर में प्रश्न कर चुके है आखिर क्या कारण है जो आप बचा रहे है तहसीलदार और आरोपियों को ऐसे में उनका मौन रहना प्रशासन की हठ को दर्शाता है
पीड़ित परिवार और नागरिकों ने करवाई न करने पर 17 तारीख सितंबर को माननीय प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर सतवास से सैकड़ों लोगों के साथ मुख्यमंत्री निवास पर पैदल न्याय यात्रा करेंगे
सकल समाज के सेकड़ो की संख्या में कन्नौद , खातेगाँव , हरदा तक से वरिष्ठ समाज जन एकत्रित हुए और सभी ने एक सुर में इस लड़ाई को जारी रखने का आव्हान किया है