सोनकच्छ के ग्राम में अगेरा में सोयाबीन उत्पादन तकनीकी पर प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं सोयाबीन दिवस कार्यक्रम आयोजित
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देवास 27 सितम्बर 2024/ सोयाबीन-गेहूं फसल प्रणाली की उत्पादकता में वृद्धि के लिए शीघ्र एवं मध्यम समयावधि वाली सोयाबीन किस्मो का प्रदर्शन अंतर्गत सोयाबीन उत्पादन तकनीकी पर प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं सोयाबीन दिवस कार्यक्रम सोनकच्छ के ग्राम में अगेरा में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कलेक्टर श्री ऋषव गुप्ता द्वारा सोयाबीन में अधिक उत्पादन के लिए वैज्ञानिकों द्वारा अनुशंसित प्रजातियों का एवं उर्वरकों का उपयोग करने की सलाह दी। साथ ही खेती को कम लागत में अधिक उत्पादन के लिए सभी कृषकों को प्रेरित किया।
कार्यक्रम में भारतीय सोयाबीन अनुसंधान केंद्र वैज्ञानिक डॉ. राघवेंद्र ने सोयाबीन उत्पादन की सस्य क्रियाएं, डॉ. राकेश कुमार वर्मा ने खरपतवार प्रबंधन, डॉ. लोकेश मीणा ने कीट नियंत्रण, डॉ. संजय कुमार ने रोग नियंत्रण एवं संस्थान के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. दुपारे ने सोयाबीन की प्रसंस्करण तकनीकी एवं खाद्य उपयोग के बारे में विस्तार से बताया। कार्यक्रम में कृषक रायसिंह अगेरा ने NRC-130 की विशेषता बताते हुए बताया कि इस प्रजाति में अन्य प्रजाति की तुलना कीट एवं रोग के प्रति सहनशील है। साथ ही इसका उत्पादन अन्य प्रजातियों की तुलना में अधिक होता है।
प्रशिक्षण में श्री आलोक मीणा संयुक्त संचालक उज्जैन ने कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया उपसंचालक कृषि श्री गोपेश पाठक ने चने एवं गेहूं की उन्नत खेती के बारे में विस्तार से बताया। सहायक संचालक कृषि श्री लोकेश गंगराड़े ने बताया की जैविक खेती एवं रासायनिक उर्वरकों पर कैसे निर्भरता कम की जा सकती है
सोयाबीन अनुसंधान केंद्र के निदेशक डॉक्टर के.एच. सिंह ने बताया कि आज सोयाबीन के उत्पादकता मध्य प्रदेश में कैसे बढ़ाई जा सकती है, इसके लिए संस्थान से विकसित उन्नत किस्म के बारे में विस्तार से बताया।

