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स्व सहायता समूह से जुड़कर श्रीमती बबीता परिहार बनी आत्मनिर्भर


स्व सहायता समूह से जुड़कर श्रीमती बबीता परिहार बनी आत्मनिर्भर


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देवास के मल्हार स्मृति मंदिर में तीन दिवसीय आजीविका उत्पाद मेले में लगाया स्टॉल

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आजीविका मिशन के माध्यम से चूड़ी बनाने की इकाई की प्रारंभ, हर माह हो रही अच्छी कमाई

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स्व सहायता समूह के संचालन एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री चौहान को दे रही है धन्यवाद

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देवास 22 सितंबर 2023/ राज्य शासन द्वारा महिलाओं को स्वावलंबी एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही है। इनका लाभ पाकर महिलाएं भी आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ आर्थिक तौर पर मजबूत हो रही है। इन्हीं स्व सहायता समूह की महिलाओं में से एक जिले के टोंकखुर्द विकासखंड के ग्राम पीपल्या सड़क की श्रीमती बबीता परिहार ने आजीविका मिशन के माध्यम से जुड़ने के पश्चात अपने कार्य के माध्यम गांव व समाज में अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है।

श्रीमती बबीता परिहार ने बताया कि देवास के मल्हार स्मृति मंदिर में आयोजित तीन दिवसीय आजीविका उत्पाद मेले में उन्होंने समूह के माध्यम से बनाए गए उत्पाद का स्टॉल लगाया। इस स्टॉल पर उनकी अच्छी बिक्री हो रही है। वे बहुत खुश हैं कि अब वे आत्मनिर्भर बन गई है।

 श्रीमती बबीता परिहार आजीविका मिशन के स्व सहायता समूह की सदस्य है। श्रीमती परिहार ने बताया कि समूह से जुड़ने के पश्चात उन्होंने सिलाई का कार्य प्रारंभ किया। इसके पश्चात गांव की महिलाओं को जोड़कर एक समूह को बनाया। इसके पश्चात हमने समूह के माध्यम से एक लाख रुपए का लोन लिया। फिर सभी महिलाओं ने चूड़ी बनाने का प्रशिक्षण लेकर इसकी इकाई को प्रारंभ किया। चूड़ी बनाने के पश्चात हम इसका विक्रय करने लगे, जिससे हमें हर माह करीब 10 हजार रुपए की आय हो रही है। आज मैं और मेरा पूरा परिवार बहुत खुश हैं। वे खुश होकर कहती है कि यह सब मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान द्वारा संचालित मप्र डे राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से संभव हुआ। इसके लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री चौहान का कोटिश धन्यवाद।

शासन द्वारा महिलाओं के लिए राष्ट्रीय आजीविका मिशन के माध्यम से संचालित स्व सहायता समूह से महिलाओं को जोड़ा जा रहा है तथा उन्हें प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।  जिले में गरीब परिवार की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने, स्वयं का व्यवसाय स्थापित कर आत्म निर्भर बनाने तथा आजीविका के स्थाई अवसर उपलब्ध कराने में मप्र डे ग्रामीण आजीविका मिशन मददगार साबित हो रहा है। आजीविका मिशन के माध्यम से महिलाओं को समूह गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है तथा उनकी आर्थिक स्थिति को उन्नत करने के सशक्त प्रयास किए जा रहे हैं।