स्व सहायता समूह से जुड़ने के बाद ग्राम एनाबाद की श्रीमती अनिता गोस्वामी के जीवन में आए उल्लेखनीय बदलाव
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देवास में आयोजित तीन दिवसीय आजीविका उत्पाद मेले में 16 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट खाद विक्रय कर 25 हजार रुपए की आय की अर्जित
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समूह से जुड़ने के बाद जैविक खेती को अपनाया, खेती से होने लगी अच्छी आय
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प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान को हृदय से दे रही हैं धन्यवाद
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देवास, 22 सितंबर 2023/ शासन की मंशा है कि प्रदेश के हर एक बेरोजगार को रोजगार मिले। इसके साथ ही प्रदेश की महिलाओं एवं बेटियों को भी स्व रोजगार प्राप्त हो सके, इसके लिए शासन द्वारा विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही है। शासन द्वारा संचालित म.प्र. डे राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के स्व सहायता समूह से महिलाएं जुड़कर आर्थिक रूप से सक्षम हो रही है, और समाज में नाम कर रही है। साथ ही उनके जीवन में उल्लेखनीय बदलाव भी हो रही है। इन्हीं हितग्राहियों में देवास जिले के सोनकच्छ विकासखंड के ग्राम एनाबाद की श्रीमती अनिता गोस्वामी है, जो कि स्व सहायता समूह से जुड़ी। स्व सहायता समूह से जुड़ने के पश्चात उनके जीवन में उल्लेखनीय बदलाव आएं हैं। उन्होंने जैविक खेती करने के लिये वर्मी कम्पोस्ट यूनिट को लगाया तथा जैविक खेती को बढ़ावा दिया, जिससे आज वे अच्छी कमाई कर रही है। साथ ही क्षेत्र की महिलाओं को समूह से जुड़ने के लिए प्रेरित कर रही है और वे आज दूसरी महिलाओं के लिए प्रेरणा स्त्रोत बन गई है। आजीविका मिशन द्वारा उन्हें आत्मनिर्भर बनाया गया इसके लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान को हृदय से धन्यवाद दे रही है।
श्रीमती अनिता गोस्वामी ने बताया कि देवास के मल्हार स्मृति मंदिर में आयोजित तीन दिवसीय आजीविका उत्पाद मेले में वर्मी कम्पोस्ट विक्रय का स्टॉल लगाया गया। जहां पर उन्होंने 16 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट खाद का विक्रय किया। जिससे उन्हें 25 हजार रुपए की आय हुई।
समूह से लिया 20 हजार रुपए का ऋण, जिससे मटर का किया उत्पादन
हितग्राही श्रीमती अनिता गोस्वामी ग्राम एनाबद की रहने वाली है, वे 5 वर्ष पूर्व म.प्र. डे राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत ग्राम एनाबाद ब्लॉक सोनकच्छ में समूह से जुड़ी। वे बताती है कि सबसे पहले जय गुरुदेव आजीविका स्व सहायता समूह सदस्य बनी। समूह से सर्वप्रथम 20 हजार रूपए ऋण लेकर मटर उत्पादन का काम किया, जिससे उनको 30 हजार रुपए का लाभ 01 बीघा से 01 ही फसल से हुआ।
वर्मी खाद बनाकर अच्छी दर पर बेच रही है
श्रीमती अनिता गोस्वामी ने धीरे-धीरे जैविक खेती करने के लिये वर्मी कम्पोस्ट यूनिट का विचार किया और उसका कार्य प्रारंभ किया। इसके लिए उन्होंने 20 वर्मी बेग लगाए, जिससे 3 माह में 40 क्विंटल खाद का उत्पादन हुआ। वर्मी कम्पोस्ट खाद को आसपास के गाँव में अच्छी दर पर बेच रही है। जिससे अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही हैं। साथ ही अपने खेत में भी वर्मी खाद का उपयोग कर रही हैं। हितग्राही श्रीमती गोस्वामी ने बताया कि एनाबाद गाँव की समूह से जुड़ी 30 महिलाओं की आरसेटी से 10 दिवसीय औषधी पौधे एवं जैविक खाद निर्माण पर प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने बताया कि आजीविका मिशन से जुड़कर जैविक खेती को बढावा दिया जा रहा हैं एवं ग्राम की अन्य महिलाओं को भी जैविक खेती करने के लिये प्रोत्साहित किया जा रहा हैं।
