देवास जिले में सरकार की योजनाओं का लाभ मिलने से आज महिलाओं की जिंदगी की तस्वीर बदली
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मजदूरी करने वाली महिलाओं को अब किसान दीदी के रूप में मिली नई पहचान
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देवास 05 जून 2023/ सरकार की योजनाओं का लाभ मिलने से आज महिलाओं की जिंदगी की तस्वीर बदल रही है। जो महिलाएं मजदूरी कर गरीबी से जूझ रही थी, अब इलाके में इनको किसान दीदी के रूप में नई पहचान मिल गईl ये खेत जमीन की मालकिन बन गईl
पिछले एक साल से देवास जिले के आगरा खुर्द, मंगरादेह, इमलीपूरा, पुतली पूरा गांव का नजारा ही बदल गया एक टाइम कभी सोचा भी ना था कि कच्चे घरों में रहने वाले परिवारों की हम महिलाएं मजदूरी से कभी छुटकारा भी पा सकेगी। बरसों से मजदूरी कर रही महिलाओं की मेहनत और सरकार की योजना ने इन महिलाओं की जिंदगी की तस्वीर बदल दी मजदूरी कर महिलाएं अपनी गरीबी से जूझ रही थी। अब इलाके मैं इनको किसान दीदी के रूप में नहीं पहचान पहचान मिल गई यह खेत जमीन की मालकिन बन गई।
दरअसल सरकार ने बाड़ी विकास कार्यक्रम के तहत किसानों को फलदार पौधे देने और उनके खेतों में लगभग आने का प्लान किया। बस यही से कई किसान दीदी की किस्मत संवर गईl उन किसानों में खासकर समूह की महिलाओं को चुना गया जिनके पास जमीन तक नहीं थीl वन विभाग ने वन भूमि के पट्टे दे दिए हॉर्टिकल्चर विभाग ने पौधे उपलब्ध करवाएं।
आगरा खुर्द गांव में आरती स्व सहायता समूह की मेंदू बाई कहती है कि ‘’ मेरी तो जिंदगी गरीबी में बीत गई बीत रही थीl एक दिन गांव में कुछ अधिकारी आए हमें वन भूमि का पट्टा दिया और आम, जामफल (अमरुद) के पौधे लगवाएl दो साल में इनमें फल लगेंगे हम उन्हें बेचकर कमाई करेंगे। इनके अलावा सब्जी और बीज से दूसरी फसल लगा रहे हैं’’l इस समूह में दूसरी दीदी अभी मुर्गी पालन, किराने की दुकान सहित और धंधा कर रही है।
इसी योजना में दुर्गा समूह की ग्यारसी बाई, ममता, रुकमा बाई के खेत में ऐसे ही पौधे लगाएंl चमेली स्व सहायता की कोटा बाई, बारकु बाई भी पौधे का देखभाल कर रही हैंl गांव के ही जयगुरुदेव, झांसी की रानी, सूरज और लक्ष्मी स्व सहायता समूह की दीदियों को यह पौधे दिए गएl झांसी की रानी समूह की ममता कहती है कि ‘’मैं बहुत परेशान थी आगे का सोच कर चिंता होती थी। ऐसे में आजीविका मिशन ने हमारे समूह का हौसला बढ़ा और कमाई का रास्ता खोल दियाl’’
देवास में नाबार्ड ने बाड़ी विकास कार्यक्रम में बागली विकासखंड के कुछ गांव चुने और खेतों में फलदार पौधे लगवाएl नाबार्ड के कमलेश सेन कहते हैं कि ‘’आदिवासी विकास निधि से यह फलदार पौधों को लगवाया एक साल से 58 दीदीयां इन पौधों की देखभाल कर रही हैंl यह भूमिहीन थीl जिले साढ़े चार सौ से ज्यादा जनजाति जरूरतमंद किसानों को लाभ मिला उदय नगर के सहायक परियोजना प्रबंधक राम सिंह ने बताया दीदियों को रोज प्रसन्न दिया जाता है फलों के व्यापार को लेकर भी मार्केटिंग ट्रेनिंग के लिए कहेंगेl
आजीविका मिशन की जिला परियोजना प्रबंधक शीला शुक्ला ने बताया कि “यह योजना हमारे यहां सफल दिखाई दे रही हैंl जिन गरीब महिलाओं के पास जमीन तक नहीं थी, उनको वन भूमि के पट्टे दिएl 50 से 65 पौधे हर किसान दीदी के खेत में लगाए आने वाले 2 साल में यह कमाई देने लगेंगे इसी खेत से और कमाई के लिए दूसरी फसल सब्जी जैसी खेती (मिक्स क्रॉप) के गुर भी सिखाए जा रहे हैं l’’
जिले के जनजाति समाज की महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए और आत्मनिर्भर बनाने के लिए या योजना वरदान साबित हो रही है ‘’आजीविका मिशन के अलावा हॉर्टिकल्चर, एग्रीकल्चर जैसे विभाग भी स्व सहायता समूह की महिलाओं को अपने पैरों पर खड़े करने के लिए अलग-अलग योजनाओं का लाभ दे रहे हैंl आने वाले दो सालों में किसान दीदियां फलों का कारोबार करने लगेंगी।‘’ देवास में खेत की मालकिन बनकर किसान दीदी दूसरों को भी प्रेरित कर रही है। यह दीदी यहां रोज अपना समय इन पौधों की देखभाल में बिता रही हैं। उन्हें भरोसा है कि फलों की तरह उनकी जिंदगी भी मिठास से भर जाएगी।

