राजेश पाठक देवास
देवास यूं तो बात सामान्य सी लगती है की किसी भाजपा नेता का कांग्रेसमें प्रवेश या फिर किसी कांग्रेसी नेता का भाजपा में प्रवेश दोनों दलों में राजनीतिक स्थानांतरण नेता लोग करते रहते हैं चुनावी वर्ष में किंतु इस बार यह चर्चा जनमानस को सोचने पर मजबूर कर देगी की राजनीति के संत कहे जाने वाले श्री कैलाश जोशी को मरणोपरांत उनके पुत्र दीपक जोशी पूर्व मंत्री मध्य प्रदेश शासन अपने साथ वह अपने पिता के भाजपा में हो रहे घोर अपमान के कारण उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया जिस समय उन्होंने यह फैसला किया होगा तब वह अपने पूज्य पिताश्री का ही स्मरण करते हुए इस निर्णय पर पहुंचे होंगे क्योंकि जिस भाजपा को स्वर्गीय कैलाश जोशी द्वारा शिखर पर पहुंचाया गया था उसी भाजपा ने उनके इस संसार से जाने के बाद उनसे मुख मोड़ लिया वह साथ ही उनके पुत्र को भी असहाय छोड़ दिया गौरतलब है कि मध्य प्रदेश की राजनीति में पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह को जहां राजनीति का चाणक्य कहा जाता था वही स्वर्गीय पूर्व मुख्यमंत्री जो भाजपा के प्रथम मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश शासन रहे स्वर्गीय कैलाश जोशी को राजनीति का संत कहा जाता था सच्चे अर्थों में ईमानदारी के साथ विशुद्ध राजनीति व जन सेवा करना ही जिन का प्रथम कर्तव्य था इसीलिए उन्हें राजनीति का संत कहा जाता था कई बार भाजपा का शीर्ष नेतृत्व भी स्वर्गीय कैलाश जी की बात को टाल नहीं पाता था यहां तक की 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को भोपाल से आकर लड़ने का न्योता भी दे दिया था जिसके कारण उस समय का शीर्ष नेतृत्व कैलाश जी से नाराज हो गया था उसी के साथ उनकी राजनीतिक पारी पर पूर्ण विराम लग गया था लेकिन कैलाश जी जो भी कहते थे वो खुलकर कहते थे शायद इसी का खामियाजा उन्हें उठाना पड़ा वह उनके देहांत के बाद उनके पुत्र को भी मध्य प्रदेश की राजनीति से वध देवास की राजनीति से किनारा कर दिया गया था साथ ही मध्यप्रदेश शासन द्वारा जितने भी घोषणा है कैलाश जी के लिए निधन के पश्चात की गई थी उन्हें पूरा नहीं किया गया जबकि होना यह चाहिए था कि राजनीतिक प्रतिद्वंदिता को दूर रखते हुए मध्य प्रदेश के प्रथम भाजपा के मुख्यमंत्री को वहां उचित सम्मान दीया जाना था अब देखना यह होगा की भाजपा का दीपक कांग्रेस में जाकर के कितना प्रकाश फैलाता है आज एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें दीपक जोशी अपने पिता की फोटो लेकर कांग्रेस कार्यालय में जाते हुए दिखाई दे रहे हैं इससे यह प्रतीत होता है कि कितने व्यथित मन से 1 पुत्र जो कि मध्य प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री का बेटा होने के पश्चात भी उनके देहांत के बाद उन्हें वह सम्मान नहीं दिला पाया जोकि भाजपा को अपने पित्र पुरुष को देना था भाजपा पार्टी विद डिफरेंस वाली पार्टी कहीं जाती थी लेकिन अब पार्टी विद डिफरेंट हो गई




