देवास वनमण्डलाधिकारी के मार्गदर्शन मे देवास जिले के सहायक वन परिक्षेत्र सोनकच्छ मे वन वनविभाग ने वहाँ के रेंजर व अन्य कर्मचारियों के सहयोग से एक अनूठी पहल की है सभी सामान्य नागरिकों को जल जंगल जमीन के बारे जानने का एक बढ़िया अवसर प्रदान किया है जिससे हमारे बच्चो को इनके बारे मे जानने व समझने का मौका मिलेगा जिस प्रकार से देवास जिले का खिवनी अभ्यारण पुरे भारत मे प्रसिद्ध है वैसे ही देवास जिले के जंगल के बीच यह जंगल उद्यान सभी नागरिकों व बच्चो को प्राकृतिक वातावरण मे अपना समय बिताने व जल जंगल जमीन को समझने का मौका मिलेगा आने वाले समय मे यह जंगल उद्यान पुरे भारत वर्ष मे फेमस होगा वन परिक्षेत्र (जे.) देवास की परिक्षेत सहायक कृत्त सोनकच्छ में ग्रीन इंडिया मिशन नगर वन योजना के अंतर्गत वर्ष 2024-25, 2025-26 में ग्राम दौलतपुर में नगर वन की स्थापना की गई है। सोनकच्छ नगर के समीप स्थित एक वीरान पहाड़ी पर 70 हेक्टेयर क्षेत्र में नगरवन तैयार किया गया। नगर के पास एक स्वरूप एवं स्वच्छ वातावरण एवं प्रचविरन के अनुभव को साझा करने हेतु उक्त क्षेत्र में कई प्रकार के कार्य कराए गये। यहाँ पर देवास जिले के अधिकारियो के मार्गदर्शन मे यह नगर वन मंडल का निर्माण किया गया है
वन मंडल अधिकारी देवास श्री अमित सिंह चौहान
उपवन मंडल अधिकारी देवास श्री विकास मौहरे
वन परिक्षेत्रअधिकारी देवास श्री राजेश चौहान
गणपत सिंह तंवर परिक्षेत्र सहायक सोनकच्छ
श्री प्रीतम सिंह बघेल बीट गार्ड पारदीखेड़ा देवास द्वारा क्रियान्वित कराया गया है वर्तमान में उक्त कार्य श्री श्री राजेश चौहान वन परिक्षेत्र अधि पारदीखेड़ा द्वारा गेट, पहुँच मार्च, चारों और चैनलिंग केंटिंग, वॉच टावर, पैगोज निमणि। द्वारा निम्नानुबार कार्य सम्पादित किया गया है। नगर वन का योगाहाल निर्माण, तलाई निमणि, वनमार्ग NRM रोड़ निमणि, मार्ग के किनारे पर अब कृषिम बन्यप्राणीयों यों के आकार जैसे गमलो का निर्माण, नेचर ट्रेल का निर्माण, रोमिंग जोन, सेल्फी प्वाइंटत सीमेंट की बेंच 1 प्वाइंट एवं पर्यटकों के बैठने के लिए, की व्यवस्था की गई है। हरा-भरा करने नगर वन को हरा-भहेतु वृक्षारोपण कार्य, नक्षत्र वाटिका का निर्माण जिसमें औषधीय पौधों का रोपण किया गया है। पेड़ों का महत्व समझने ऑक्सीजन पार्क को मृदा सरन की रोकथाम हेतु चेक है। की स्थापना की गई है। 1 नगर वन में जल संरक्षण एवं हेतु चेक बैंग, तोक्सिन, परकुलेशन टैंक आदि का - है। जो पहाड़ी कभी विरान हुआ करती थी को आज निमणि किया गया है, रहवासियों के लिए जिज्ञासा ए एवं मनोरंजन नगर वन के रूप में आसपास के स्थल होने के साथ-साथ प्रकृति से जुडाव स्थल में फोगों के साथ-साथ क्यप्रचीचों को भी आकर्षित किया है अ पर जंगली सुबर, बर्ड की उपस्तिथि पाई गई है। बदलते पर्यावरण एवं ग्लोबल वार्निंग के दौर मे मुखर, तेंदुआ हिरण, खरगोश, गिह एवं अन्य कई प्रकार के पसीन सरकार द्वारा एक अनुपम पहल की गई है।। है। बच्चों में प्रकृति से जुडाव को स्कूलो बच्चो के साथ-साथ शिक्षकों एवं प्रत्तीय जनप्रतिनिधियों की गरिमामय उपस्तिथि रही तथा शासन के द्वारा किए गये काचो की प्रशंसा की गई। नगर वन दौलतपुर आस-पास के नगर वासियों एवं प्रकृति प्रेमी यों को प्रकृति की गोद में रहने का एहसास कराने हेतु एवं स्वच्छ बातावरण स्व शांत वातावरण का अहसास कराने हेतु अत्यंत आकार आकर्षक स्थल के रूप में तेजी से उभर रहा है। अतः सभी प्रतिप्रेमीयों का समय निकालकर यहाँ आकर प्रकृति की फेद में शांति और सुकून का अनुभव अवश्य रूप से करना चाहिए।









