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कलेक्टर ने वृद्धाश्रम के बुजुर्गों संग की कृपालु के बप्पा की आरती भोजनशाला में सब्जी बनाकर भक्तों को परोसी प्रसादी, सेवा और सहजता का अद्भुत संगम

 कलेक्टर ने वृद्धाश्रम के बुजुर्गों संग की कृपालु के बप्पा की आरती


भोजनशाला में सब्जी बनाकर भक्तों को परोसी प्रसादी, सेवा और सहजता का अद्भुत संगम









देवास। गणेशोत्सव के पावन अवसर पर संस्था कृपालु परिवार एवं सुमेरसिंह दरबार के गणेश महोत्सव का पाँचवाँ दिन भक्ति और सेवा की भावना से ओतप्रोत रहा। इस दिन देवास कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने वृद्धाश्रम से आए बुजुर्गों के साथ मिलकर कृपालु के बप्पा की आरती की। आरती के समय वातावरण में भक्ति और श्रद्धा का ऐसा रंग घुला कि पूरा परिसर गगनभेदी “गणपति बप्पा मोरया” कृपालु के बप्पा के जयकारों से गूंज उठा।

आरती उपरांत संस्था कृपालु परिवार द्वारा वृद्धजनों का दुपट्टा व पुष्पमाला पहनाकर स्वागत किया गया। इसके बाद वृद्धाश्रम से आए बुजुर्गों ने स्वयं कलेक्टर ऋतुराज सिंह को दुपट्टा पहनाकर आशीर्वाद दिया। यह भावनात्मक दृश्य सभी को भावविभोर कर गया।इसके बाद कलेक्टर श्री सिंह सीधे भोजनशाला पहुँचे। यहाँ उन्होंने भोजन प्रसादी व्यवस्था का निरीक्षण किया और स्वयं श्रद्धाभाव से सब्जी भी बनाई। यही नहीं, उन्होंने भक्तों को प्रेमपूर्वक भोजन प्रसादी परोसकर भोजन भी करवाया। प्रशासनिक दायित्वों के बावजूद उनकी यह सादगी और सेवा भाव देखकर श्रद्धालु अभिभूत हो गए और जोरदार स्वागत किया।

संस्था कृपालु परिवार व सुमेर दरबार द्वारा गणेशोत्सव के साथ ही 10 दिवसीय भोजन प्रसादी का आयोजन प्रतिदिन किया जा रहा है। इस आयोजन में प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु, जरूरतमंद और आमजन प्रसादी ग्रहण कर रहे हैं। रविवार को वृद्धाश्रम से आए बुजुर्गों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक - सामाजिक कार्यक्रम समाज को जोड़ते हैं और हमें अपनापन का अनुभव कराते हैं।

संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि गणेशोत्सव केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि सेवा, समर्पण और सामाजिक जुड़ाव का संदेश देने वाला महापर्व है। देवास शहर में यह आयोजन आस्था, भक्ति और सेवा का ऐसा संगम बन गया है, जिसकी स्मृति लंबे समय तक लोगों के हृदय में बनी रहेगी। निस्संदेह, “भक्ति में सेवा और सेवा में समर्पण” का यह जीवंत उदाहरण देवास की धार्मिक-सामाजिक संस्कृति को नई दिशा देता है।