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किसान डी ए पी के अलावा मिश्रित उर्वरक का इस्तेमाल कर सकते हैं

 कृषकगण डीएपी के अलावा विकल्प के रूप मिश्रित उर्वरकों का उपयोग कर सकते हैं


देवास 26 अक्टूबर 2024/  उप संचालक कृषि श्री गोपेश पाठक ने जिले के किसानों को डीएपी के विकल्प के रूप में मिश्रित उर्वरकों का उपयोग करने हेतु सलाह दी है। उन्होंने बताया कि मिश्रित उर्वरकों से गेहूं फसल के उत्पादन में वृद्धि होगी। उन्होंने बताया कि रबी की मुख्य फसल गेहूं में मुख्यतः नाईट्रोजन, फास्फोरस एवं पोटाश पौधों के लिए मुख्य पोषक तत्व हैं, जो कि गेहूं फसल की वृद्धि एवं अधिक उत्पादन के लिए आवश्यक है। गेहूं फसल में सिंचित दशा जिसमें नाईट्रोजन 120 किग्रा प्रति हेक्टेयर, फास्फोरस 60 किग्रा एवं पोटाश 40 किग्रा प्रति हेक्टेयर के मान से आवश्यकता होती है, जिसकी पूर्ति कृषकगण डीएपी उर्वरकों के अलावा कई विकल्पों के माध्यम से कर सकते हैं।

विकल्प

उपसंचालक कृषि ने बताया कि यूरिया 46 प्रतिशत + सिंगल सुपर फास्फेट 16 प्रतिशत + एमओपी 60 प्रतिशत, नाईट्रोनज की पूर्ति के लिए 200 किग्रा यूरिया, फास्फोरस के लिए सिंगल सुपर फास्फेट की 375 किग्रा तथा 65 किग्रा म्यूरेट आफ पोटाश की मात्रा डाल सकते हैं। यूरिया 46 प्रतिशत + 12:32:16 + एमओपी 60 प्रतिशत इस विकल्प में यूरिया की 241 किग्रा मात्रा तथा एनपीके 12:32:16 की 130 किग्रा तथा पोटाश की पूर्ति के लिए एमओपी 17 किग्रा की आवश्यकता होगी। उन्होंने बताया कि यूरिया 46 प्रतिशत + 20:20:0 + एमओपी 60 प्रतिशत तथा विकल्प में यूरिया की 131 किलो ग्राम मात्रा तथा 20:20:0 की 300 किग्राम मात्रा तथा पोटाश के लिए एमओपी 66 किग्रा मात्रा प्रति हेक्टेयर दर से डाला जा सकता है। इस प्रकार कृषकगण डीएपी के अलावा विकल्प के रूप में सिंगल सुपर फास्फेट, 12:32:16, 20:20:0 जैसे मिश्रित उर्वरकों का उपयोग कर गेहूं की फसल से अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं।