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ये कैसा पशु प्रेम,, दिखावा क्या और हकीकत क्या

 ये कैसा पशु प्रेम,, दिखावा क्या और हकीकत क्या



देवास जब कुत्ते लोगों को काटे और लोग कुत्ते पकडवाने के लिए नगर निगम में शिकायत करें तो शहर के मवेशीप्रेमी को काफी तकलीफ  है। मगर कोई कुत्ते का बच्चा घायल हो जाए और इन को फोन कर तो आठ आठ दिन तक उनके पास समय नहीं रहता चाहे सड़क का कुत्ता सड़क पर तड़फ तड़फ कर दम तोड़ दे। शहर में कहीं भी घायल कुत्ता देखो तो इन पशु प्रेमियों  में मवेशी प्रेमी नहीं है यह सिर्फ कुत्ता प्रेमी है, जीव दया होना चाहिए लेकिन वह दूसरे जीव यानी इंसान पर भारी नहीं पड़ना चाहिए। कुत्ता अगर किसी इंसान को काट लेता है तो यह कुत्ता प्रेमी इंसान को दोषी ठहराते हैं कि उसने दौड़ लगा दी होगी, उसने कुत्ते को मारा होगा। सारा दोष इंसान का होता है। सर फंड का फंडा है को खबर करो और इनके मवेशी प्रेम की हकीकत देखो।यह बच्चा 10- 12 दिन से घायल है इसे कुछ कुत्तों ने बुरी तरह लदेड़  दिया। यह चल फिर नहीं पा रहा है। मेरे मित्र ने बताया कि मेरी बेटी ने कई बार फोन किया जब रिस्पांस नहीं मिला तो उसे प्राइवेट वेटरनरी डॉक्टर को दिखाकर इंजेक्शन लगवाए, दवाइयां लाई...। रोजाना मवेशी प्रेमियों को फोन लगाते हैं लेकिन कहीं से कोई प्रॉपर रिस्पांस नहीं। हमेशा एक ही जवाब वर्कर नहीं है।

गौरतलब है कि नगर निगम देवास के द्वारा आवारा पशुओं/कुत्तों के लिए एक पूरा विभाग है लेकिन वह भी सिर्फ कागजी कार्यवाही करते है साथ ही जिला मुख्यालय पर पशुओ का अस्पताल भी है लेकिन वहाँ पर भी एम्बुलेंस सहित सभी सुविधाएं उपलब्ध है लेकिन शहर में दिखाई नहीं देती