देवास- जिले में चल रहे गरीबो के राशन माफिया के खिलाफ खातेगांव के नेमावर में कई गयी कार्यवाही
*गरीबो के हक का निबाला का अवैध परिवहन*
*खातेगांव क्षेत्र से बैतूल जिले मे होता है परिवहन*
*नेमावर पुलिस ने 40 कुंटल से अधिक सफ़ेद चावल को जप्त किया।*
*2300 रु प्रति कुंटल खरीद कर मनमाने दामों मे बेचा जाता है।*
*खातेगांव।* सरकार गरीबों के लिए योजना और राशन वितरण करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है… लेकिन खातेगांव मे गरीबो के हक के राशन का लम्बे समय से परिवहन होता आ रहा है। देवास जिले के नेमावर पुलिस को सूचना मिलने के बाद नेमावर के बजवाडा गाँव समीप आइसर वाहन क्र. *MP05G 8339* आइसर पिकअप वाहन को जप्त किया। आइसर वाहन मे करीबन 40 कुंटल सफ़ेद चावल से पिकअप भरी हुई थी, पिकअप वाहन सहित चालक को पुलिस ने हिरासत मे लिया है।
पुलिस ने बताया की सोसाइटी का शासकीय चावल है, जिसे बिना किसी दस्तावेज का परिवहन किया जा रहा था। वाहन चालक के पास बिल बिल्टी भी नहीं पाई गई। खाद्य विभाग और तहसीलदार को पत्र लिखकर सूचना दी गई है।
*सुरेखा निमोदा, थाना प्रभारी नेमावर*
*सूत्रों की जानकारी के अनुसार ऐसा होता है परिवहन*
•शासकीय उचित मूल्य की दुकान से कर्मचारी अपने मिलने-जुलने बाले व्यापारी को चावल-गेहूं अवैध तरीके से बेचते है। व्यापारी अन्य जिले के चावल-गेहूं खरीदने बाले से संपर्क करते है। बाहर के व्यक्ति 2300 रु कुंटल व्यपारी से खरीद कर, मनमाने मूल्य मे विक्रय करते है। अधिकतर बैतूल जिले के लोग चावल लेने आते है। अवैध चावल की गाड़ी लोड कर ग्रामीण क्षेत्र के गाँवो से निकलते है, जिससे पुलिस या प्रशासन को भनक ना लगे।
*इनका कहना है*
पुलिस ने बताया की सोसाइटी का शासकीय चावल है, जिसे बिना किसी दस्तावेज का परिवहन किया जा रहा था। वाहन चालक के पास बिल बिल्टी भी नहीं पाई गई। खाद्य विभाग और तहसीलदार को पत्र लिखकर सूचना दी गई है।
*सुरेखा निमोदा, थाना प्रभारी नेमावर*
पूरे मामले की जाँच करने के लिए नेमावर थाने पर कार्यवाही के लिए खाद्य विभाग के इंस्पेक्टर धर्मेंद्र शर्मा नेमावर थाने पहुँचे थे। जहाँ से गाड़ी को नेमावर से खातेगांव के लिए रवाना कर दिया गया। मामले मे खाद्य विभाग के इंस्पेक्टर धर्मेंद्र शर्मा खातेगांव से दूरभाष के माध्यम से संपर्क करने की कोशिश की। लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।
*सूत्रों* की माने तो कही न कही मामले को ढीला करने की कोशिश की जा रही थी। लेकिन मीडिया की सक्रियता के कारण खाद्य विभाग को कार्यवाही को अंजाम दिया गया
*नहीं होती कार्यवाही*
खाद्य विभाग के अधिकारियों को इस परिवहन की सूचना तो रहती है लेकिन कार्रवाई करने से बचते हैं। आखिर ऐसा क्यों होता है ईश्वर वरिष्ठ अधिकारी संज्ञान क्यों नहीं लेते हैं। ?
*आइसर विकअप वाहन संजय पिता लक्ष्मीचंद्र आर्य के नाम से है।*
बाईट:- सुरेखा निमोदा, थाना प्रभारी नेमावर