ग्राम दीपगाव में हुआ डेंगू का आउटब्रैक, स्वास्थ्य विभाग की त्वरित कार्यवाही।ग्राम में 24 घंटे चिकित्सकीय टीम, नियमित जांच और सर्वे कार्य निरंतर जारी।
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ग्राम दीपगाव में हुआ डेंगू का आउटब्रैक, विगत दिनों कैंप में मरीजों के लिए 98 ब्लड सैंपल में 11 सैंपल डेंगू पॉजिटिव आए।
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देवास जिले के ग्राम दीपगांव मे पहुंची एमजीएम मेडिकल कॉलेज और राज्य स्तरीय टीम, वायरल फीवर से मृत्यु के प्रकरणों की ली जानकारी ,देखा रिकॉर्ड और परिजनों से की बात।
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डेंगू बुखार के लक्षणों में तेज बुखार, शरीर पर दाने, सिरदर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द , कुछ गंभीर मामलों में रक्तस्राव और सदमा होता है, जो जीवन के लिए खतरा हो सकता है लक्षण हो तो चिकित्सक को दिखाए :- सीएमएचओ डॉ ऊईके
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मुख्य चिकित्सा एवम स्वास्थ्य अधिकारी डॉ विष्णुलता ऊईके ने बताया कि देवास जिले के ग्राम दीपगांव मे वायरल फीवर के कारण विगत दिनों प्रायवेट अस्पताल में उपचार से 14 वर्षीय एक बालिका , एक 21 वर्ष की युवती और एक 65 वर्षीय महिला की मृत्यु होने की सूचना मिली थी, कलेक्टर श्री ऋषव गुप्तजी के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा 27 अगस्त से निरंतर मरीजों की जांच और उपचार किया जा रहा मरीजों के सैंपल लिए गए और संपूर्ण ग्राम में फीवर सर्वे , लार्वा सर्वे और टेमोफास का छिड़काव किया जा रहा है।
सीएमएचओ डॉ उइके ने बताया कि ग्राम में चिकित्सकीय टीम द्वारा निरंतर कैंप लगाया जा रहा है 31 अगस्त को कैंप से एक 10 वर्षीय बालिका प्रियांशी पिता जितेंद्र उम्र 10 वर्ष की ब्लड जांच सैंपल लिया शाम को प्राथमिक उपचारत के बाद सिविल अस्पताल खातेगांव रेफर किया। वहा उपचार के दौरान तबीयत ज्यादा बगड़ने पर जिला अस्पताल हरदा में रात को रेफर किया लेकिन रास्ते में मृत्यु हो गई थी। बालिका का ब्लड सैंपल लिया गया था जिसकी रिर्पोट डेंगू पॉजिटिव आई।
27 अगस्त से विभाग द्वारा कैंप लगाकर उपचार किया जा रहा 98 फीवर मरीजों के ब्लड सैंपल जॉच हेतु डीपीएचएल लैब उज्जैन भेजे गए जिसमें मलेरिया, डेंगू, चिकनीगुनिया और हेपेटाइटिस बी,सी की जांच कि गई 2 सितंबर को रिपोर्ट प्राप्त हुईं जिसमे 11 डेंगू पॉजिटिव सैंपल आए। 1 सितंबर को मृत बालिका प्रियांशी पिता जितेंद्र उम्र 10 वर्ष की रिपोर्ट डेंगू पॉजिटिव आई ,ग्राम में डेंगू का आउट ब्रैक हुआ है।
सीएमएचओ डॉ ऊईके ने कहा की अब सभी को सतर्कता और ध्यान देने की आवश्यकता है डेंगू बुखार के लक्षणों में तेज बुखार, शरीर पर दाने, सिरदर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द , कुछ गंभीर मामलों में रक्तस्राव और सदमा होता है, जो जीवन के लिए खतरा हो सकता है लक्षण हो तो तुरंत ही चिकित्सक को दिखाए और जांच करवाए। ग्राम में निरंतर कैंप लगाएंगे फीवर सर्वे चलेगा। 2 सितंबर को भी दीपगांव में चल रहे कैंप में 33 व्यक्तियों ब्लड सैंपल और 18 थ्रोड ( थूक) के सैंपल लिए। पास के ग्राम खींची और खारदा में भी फीवर के मरीजों की सूचना मिलने पर दोनो ग्राम से 26 ब्लड सैंपल लिए। जिसमें मलेरिया, डेंगू, चिकनीगुनिया और हेपेटाइटिस बी, सी की जांच कि जायेगी।
डॉ ऊईके ने बताया कि 2 सितंबर शनिवार को ग्राम में हुई मृत्यु की जाच के लिये एमजीएम मेडीकल कॉलेज की टीम ग्राम में जांच हेतु पहुंची , जिसमे डॉ भूपेन्द्र चौहान सहायक प्राध्यापक मेडिसिन, डॉ मोनिका चौधरी सहायक प्राध्यापक शिशु रोग , डॉ भारत सिंह सहायक प्राध्यापक मायक्रोबायलाजी , डॉ शैलेष राय सहायक प्राध्यापक कम्युनिटी मेडिसिन और राज्य स्तरीय टीम में डिप्टी डायरेक्टर टीकाकरण डॉ सौरभ पुरोहित , डॉ सेवीया सालम स्टेट एपिडिमियोलाजिस्ट ने सीएमएचओ के साथ मृतक परिवार के सदस्यों के साथ बात कर विस्तृत नैदानिक विशेषताओं और रोगसूचकता की समीक्षा की गई, साथ ही सिटी हॉस्पिटल हरदा के इलाज करने वाले चिकित्सक के साथ संभावित टेलीफोन पर चर्चा की गई, जांच रिपोर्ट देखी संभवत क्षेत्र में वायरल डेंगू के बारे में बताया और वर्तमान स्थिति की रोकथाम और नियंत्रण के लिए एमजीएम माइक्रोबायोलॉजी प्रयोगशाला में डेंगू/चिकुनगुनिया/मलेरिया/टाइफाइड के लिए नमूना एकत्र किया। , मच्छर नियंत्रण और स्वास्थ्य देखभाल के लिए गांव में जागरूकता गतिविधियां करने ,लार्वा सर्वेक्षण , टेमेफोस स्प्रे ,पानी का नमूना संग्रह, घर-घर सर्वेक्षण के बारे में बताया । दल के साथ जिला स्तर से सीएमएचओ डॉ ऊईके, डीएचईसीओ डॉ शाहिद शेख जिला महामारी नियंत्रण अधिकारी डॉ कर्त्तव्य कुमार तिवारी ,जिला मीडिया अधिकारी कमलसिंह डावर , सीबीएमओ डॉ चम्पा बघेल , डॉ आशुतोष व्यास सहित अन्य चिकित्सा अधिकारी और स्टाफ उपस्थित रहे।




