कलेक्टर श्री गुप्ता की अध्यक्षता में मातृ एवं शिशु मृत्यु प्रकरणों की समीक्षा बैठक आयोजित
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आशा कार्यकर्ताओं को गृह भेंट (एचबीएनसी) का प्रशिक्षण दिया जाए, एसएनसीयू से डिस्चार्ज बच्चों का नियमित फॉलोअप किया जाएं
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जिला चिकित्सयालय में एएनसी वार्ड में प्रसव पूर्व स्टॉफ और चिकित्सक द्वारा गर्भवती महिला और परिजनों कि काउॅसलिंग करें - कलेक्टर श्री गुप्ता
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देवास, 03 अगस्त 2023/ कलेक्टर श्री ऋषव गुप्ता की अध्यक्षता में मातृ एवं शिशु मृत्यु प्रकरणों की बैठक कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित हुई। बैठक में देवास सीईओ जिला पंचायत श्री हिमांशु प्रजापति, डिप्टी कलेक्टर श्री अभिषेक शर्मा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.विष्णुलता उईके, सिविल सर्जन डॉ एम.पी.शर्मा, समस्त जिला कार्यक्रम अधिकारी, बीएमओ, चिकित्सक महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता आशा कार्यकर्ता परिवार के सदस्य सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।
बैठक में कलेक्टर श्री गुप्ता ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम अन्तर्गत जिले में इस वर्ष हुई मातृ मृत्य एवं शिशु- मृत्यु के प्रकरण जिनका कि स्वास्थ्य विभाग दल द्वारा समय-समय पर ऑडिट किया गया इन प्रकरणों कि विस्तार से समीक्षा के लिए परिवार के सदस्यो और सेवा देने वाले चिकित्सक और अन्य स्टॉफ से चर्चा कर एक-एक प्रकरण कि विस्तार से समीक्षा की। इसका उददेश्य मातृ-मृत्यु या शिशु मृत्यु के समुदाय-आधारित या चिकित्सीय कारणों का पता लगाना और सुनिश्चित करना की किस स्तर सुधार कि आवश्यकता है।
इस दौरान मातृ मृत्यु प्रकरणों की समीक्षा में पाया गया कि गर्भावस्था के दौरान गर्भ का पता चलते ही आशा कार्यकर्ता के माध्यम से गर्भवती महिला एएनएम के पास शीघ्र पंजीयन करवाये और समय पर जांच और अस्पताल में चिकित्सकीय जांच करवाये। आशा कार्यकर्ता द्वारा प्रसव पूर्व सभी सेवाये जांच करवाये । ऐसे प्रकरण जिनमे डिलेवरी के लिए प्रसव केन्द्र हेतु निःशुल्क परिवहन सेवा 108 जननी एम्बुलेंस की समय पर उपलब्धता नही हुई या देर से पहुंची 108 जिला कोर्डिनेटर जय अम्बे सर्विसेस को जांच कर सम्बंधित कर्मचारी के विरूद्ध जांच कर कार्यवाही के निर्देश दिये। कलेक्टर श्री गुप्ता ने कहा कि कोई महिला अस्पताल में प्रसव केन्द्रों में भर्ती होती तो तुरन्त जांच कर चिकित्सक द्वारा नार्मल डिलेवरी या सिजेरियन होना है परिवार जनों की काउंसिलिंग कर परामर्श दिया जाना चाहिये और प्रसव की कार्यवाही करना चाहिये और जिससे इस प्रकार के प्रकरण ना हो जिन प्रकरणो मे देरी हुई उनकी जांच करने के निर्देश दिये।
बैठक में कलेक्टर श्री गुप्ता ने शिशु मृत्यु के प्रकरणों की समीक्षा में पाया मकि गर्भवती का समय पर डिलेवरी और डिस्चार्ज के पश्चात आशा कार्यकर्ता गृह भेट (एचबीएनसी) कर द्वारा इन प्रकरणों कि निगरानी करना आवश्यक है। ऐसे प्रकरण जिनमें समय पर प्रसव हेतु परिवार के सदस्यों को समय पर बताये और आशा कार्यकर्ता द्वारा गृह भेट (एचबीएनसी) कि सेवाएं दी जावे । प्रकरणों में समय पर सेवाये नहीं देने व लापरवाही पर आशाकार्य कर्ताओं को हटाने और स्वास्थ्य कार्यकर्ता को कारण बताओ नोटिस जारी कर कार्यवाही के निर्देश दिये।
कलेक्टर श्री गुप्ता ने निर्देश दिये कि दो मास्टर ट्रेनर बनाकर सभी आशा कार्यकर्ताओं को गृह भेट (एचबीएनसी) का प्रशिक्षण दिया जाएं। एसएनसीयू से डिस्चार्ज बच्चों का नियमित फॉलोअप किया जावे। कार्यक्रम अधिकारी और सुपरवाईजर द्वारा नियमित मॉनिटरिंग करे जिला चिकित्सयालय में एएनसी वार्ड मे प्रसव पूर्व चिकित्सक द्वारा गर्भवती महिला और परिजनो कि काउॅसलिंग कर समय पर सुरक्षित प्रसव करवाये। इसकी निरन्तर मॉनिटरिंग कि जावे।
