पोषण पुनर्वास केंद्र देवास में जॉच और उपचार से गंभीर कुपोषण से मुक्त हुई आकांक्षा
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देवास, 17 अगस्त 2023/ पोषण पुनर्वास केंद्र देवास में जांच और उपचार से आकांक्षा गंभीर कुपोषण से मुक्त हुई है। देवास जिले के ग्राम जसोदगढ (सिया) की रहने वाली श्रीमती विद्या की बालिका का स्वास्थ्य ठीक रहने पर देवास पोषण पुनर्वास केंद्र भर्ती किया गया। पोषण पुर्नवास केन्द्र में (एनआरसी) पोषक प्रशिक्षक अर्चना दुबे ने बताया कि आकांक्षा भर्ती के समय अति गंभीर कुपोषण की श्रेणी में आ रही थी। पोषण पुनर्वास केंद्र देवास में भर्ती के बाद आकांक्षा कुपोषण से बाहर हो गयी। समय-समय पर फॉलोअप किया गया। एनआरसी नोडल अधिकारी डॉ.कपिल, पोषक प्रशिक्षक अर्चना दुबे द्वारा आकांक्षा की माता कि काउंसिलिंग की गयी बच्चे के स्वास्थ्य का ध्यान रखने की समझाईश दी गयी। अब उसके माता-पिता भी खुश हैं। माता-पिता ने बच्ची के उपचार के लिए जिला चिकित्सालय व एनआरसी के चिकित्सक स्टॉफ और शासन-प्रशासन को बहुत बहुत धन्यवाद दिया।
पोषण पुर्नवास केन्द्रो में गम्भीर कुपोषित बच्चो को आशा, ऑगनवाडी कार्यकर्ता, स्वास्थ्य कार्यकर्ता द्वारा चिंहित कर भर्ती कराया जाता है। साथ ही जिला अस्पताल में नियमित वार्ड में भी ऐसे बच्चो को चिहिंत कर पोषण पुर्नवास केन्द्र में 14 दिनो तक बच्चो को भर्ती किया जाता है। निर्धारित डाईट प्रदान की जाकर माता को समझाईश दी जाती है। आकांक्षा जैसे कई बच्चो का उपचार पोषण पुर्नवास केन्द्र में किया जाता है। जिसकी मॉनिटरिंग व देख रेख शिशु रोग विशेषज्ञ एवं व एन.आर.सी.नोडल अधिकारी द्वारा नियमित की जाती है। कुपोषित बच्चे के भर्ती होने के दौरान बच्चे की माता को 120 रूपये प्रतिदिन के हिसाब से 14 दिन की राशि 1680 रूपये स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रदान किये जाते है।
