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वैक्सीन प्रिवेंटेबल डिजीज (वीपीडी) अंतर्गत जिला स्तरीय कार्याशाला आयोजित

 वैक्सीन प्रिवेंटेबल डिजीज (वीपीडी) अंतर्गत जिला स्तरीय कार्याशाला आयोजित




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वैक्सीन प्रिवेंटेबल डिजीज (वीपीडी) बैक्टीरिया और वायरस के कारण होने वाली ऐसी स्थितियां हैं जिन्हें टीकों से रोका जा सकता हैः- डाॅ सुनिल तिवारी

     देवास, 02 जून 2023/  टीकाकरण के लाभों का प्रचार करना इस हेतु जिला स्तर पर वैक्सीन प्रिवेंटेबल डिजीज (वीपीडी) अंतर्गत जिला स्तरीय कार्याशाला का आयोजन किया। कर्याशाला में राज्य स्तर से उपसंचालक टीकाकरण डॉ सौरभ पुरोहित, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ सुनिल तिवारी सहित जिला स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अधिकारी डॉ. एम.एस गोसर, डीपीएम कामाक्षी दुबे, जिला मीडिया अधिकारी कमलसिंह डावर समस्त विकासखण्ड चिकित्सा अधिकारी, बीपीएम, बीईई एवं मेडिकल ऑफिसर व अन्य संबंधित उपस्थित थे।

जिला टीकाकरण डॉ सुनिल तिवारी ने बताया कि टीका रोकथाम योग्य रोग निगरानी वैक्सीन प्रिवेंटेबल डिजीज (वीपीडी) बैक्टीरिया और वायरस के कारण होने वाली ऐसी स्थितियां हैं जिन्हें टीकों से रोका जा सकता है। ये बीमारियां लंबी अवधि की बीमारी, अस्पताल में भर्ती होने और यहां तक कि मौत का कारण भी बन सकती हैं। वीपीडी के उदाहरण हैं। जिसमें काली खांसी (पर्टुसिस), चिकनपॉक्स खसरा, मेनिंगोकोकल रोग और न्यूमोकोकल रोग, वीपीडी निगरानी कार्यक्रम का उद्देश्य टीकाकरण द्वारा रोके जाने वाले रोगों की निगरानी करना, प्रकोप और नए रोगजनकों का पता लगाना टीके से रोके जा सकने वाले रोगों के प्रसार को नियंत्रित करना। 

     कार्याशाला में डब्ल्यूएचओ से डॉ अभिषेक बछोतिया ने पॉवर पाइन्ट प्रिजेन्टेशन के माध्यम से वैक्सीन प्रिवेंटेबल डिजीज (वीपीडी) के बारे में विस्तार से बताया कि 15 साल से कम उम्र के बच्चे में शरीर के किसी भी हिस्से में अचानक कमजोरी और शिथिलता या किसी भी उम्र के व्यक्ति में पक्षाघात जिसमें पोलियो का संदेह हो, 15 वर्ष से कम आयु का बच्चा पिछले 6 महीनों के भीतर एएफपी निगरानी करना 24 घंटे के अंतराल पर मल के 2 नमूने कमजोरी/फ्लॉपीनेस की अचानक शुरुआत 14 दिन के अंदर शुरुआत मे होती है। डिप्थीरिया के एक संदिग्ध मामले मे ऊपरी श्वसन पथ की एक बीमारी जिसकी विशेषता, लैरींगाइटिस या ग्रसनीशोथ या टॉन्सिलिटिस तथा टॉन्सिल, ग्रसनी के आसन्न झिल्ली होती है। काली खांसी पर्टुसिस में कम से कम 2 सप्ताह तक चलने वाली खांसी, खांसी के दौरे। श्वसन व्हूपिंग तुड़ के बाद उल्टी अन्य स्पष्ट कारणों के बिना या एपनिया ($सायनोसिस) शिशुओं में (उम्र ढ1 वर्ष) किसी भी अवधि की खांसी के साथ या यदि किसी विशेषज्ञ चिकित्सक को किसी भी अवधि की खांसी वाले रोगी में पर्टुसिस का संदेह है। नवजात टेटनस जीवन के पहले दो दिनों के दौरान चूसने और रोने की सामान्य क्षमता वाला कोई भी नवजात शिशु जो 3 से 28 दिनों के बीच सामान्य रूप से चूस नहीं सकता है, और कठोर हो जाता है या आक्षेप/ऐंठन (यानी मांसपेशियों का मरोड़ना) या दोनों adverse events following immunization (AEFI)  यानि टीकाकरण के बाद एक प्रतिकूल घटना (AEFI) कोई भी अप्रिय चिकित्सा घटना है जो टीकाकरण के बाद होती है और जिसका टीके के उपयोग के साथ कोई कारणात्मक संबंध नहीं है। प्रतिकूल घटना कोई भी प्रतिकूल या अनपेक्षित संकेत हो सकता है के बारे जानकारी दी टीकाकरण के बाद एक प्रतिकूल घटना होने पर रिपोटिंग के बारे मे बताया गया।