देवास जिले में संचालित राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा बैठक आयोजित
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राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम में श्रेष्ठ कार्य करने पर एन.एम.ए और सुपरवाईजर को दिया प्रशंसा-पत्र
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देवास 30 मई 2023/ देवास जिले में स्वास्थ्य विभाग संचालित राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा बैठक जिला अस्पताल में आयोजित हुई। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एम.पी. शर्मा, जिला स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अधिकारी डॉ एम.एस गोसर, पैरामेडिकल वर्कर जय श्री सिंह, ब्लॉक के एन.एम.ए.,सुपरवाईजर और अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एम.पी.शर्मा ने राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम में विगत वर्षो में किये गये कार्य की ब्लॉक वाईस समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि बागली ब्लॉक के एनएमए द्वारा विगत 5 वर्षो से लक्ष्य से अधिक कुष्ठ रोगी खोजे गये और उपचार करवाया। जिले में राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम में एनएमए सुपरवाईजर द्वारा समय-समय पर आशा एवं स्वास्थ्य कार्यकताओ को प्रशिक्षित किया जाकर ग्रामों में कुष्ठ रोगियों की पहचान कर जांच और उपचार किया जा रहा है। कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम में लक्ष्य के अनुरूप श्रेष्ठ कार्य करने पर बागली एन.एम.ए. श्री मनोहर यादव और सुपरवाईजर श्रीमती सुषमा ढोबले को प्रशंसा पत्र और शील्ड देकर समानित किया। विगत वर्ष जिले का कुष्ठ रोगी का लक्ष्य 140 था। जिसमें 139 रोगी खोजे गये और उपचार के दौरान 105 रोगियों को कुष्ठ मुक्त किये और उपचार किया गया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एम.पी.शर्मा ने बताया कि कुष्ठ एक रोग है, जो कुष्ठ के रोगाणुओं से होता है, अन्य किसी कारण से नहीं होता। कुष्ठ के रोगाणु वायुमण्डल से श्वांस द्वारा हमारे शरीर में पहुँचते रहते है। यह रोग गरीब, अमीर, छोटे-बड़े किसी को भी हो सकता है। 99 प्रतिशत व्यक्तियों में कुष्ठ रोग के रोगाणुओं से लड़ने की प्राकृतिक शक्ति इम्युनिटी होती है और उन्हें यह रोग हो ही नहीं सकता। जिन एक प्रतिशत व्यक्तियों में यह प्राकृतिक शक्ति नहीं होती या कम होती है उन पर कुष्ठ के रोगाणु असर करते है, उन्हें यह रोग हो सकता है, उनमें से कुष्ठ के चिन्ह-लक्षण उभर सकते है।
कुष्ठ रोग के रोगाणु मुख्यतः चमड़ी, श्लेष्मा, झिल्ली वतंत्रिका तंत्र पर असर करते है। चमड़ी के ऐसे प्रभावित भाग पर सुन्नपन्न-सुखापन आ जाता है,पसीना नहीं आता,खुजली,जलन,चुभन नहीं होती व चमड़ी का रंग बदरंग,चमड़ी के रंग से फीका हो जाता है। एस.डी.टी. की पहली खुराक से ही 99 प्रतिशत कुष्ठ के रोगाणु निश्रिय हो जाते है। शुरुआत में कुष्ठ की पहचान हो जाने पर एवं एस.डी.टी. दवाओं से इसका इलाज हो जाने पर व्यक्ति विना विकृति के ठीक हो जाता है। कुष्ठ छुआछात का रोग नहीं है। इसका इलाज घर-परिवार में रहकर आसानी से किया जाता है। कुष्ठ रोग से नहीं डरे, जाँच करायें,उपचार करें। शीघ्र जाँच व उपचार कुष्ठ का सर्वोत्तम बचाव कुष्ठ निदान संकेत कुष्ठ की जाँच, उपचार व सलाह यह सेवायें सभी स्वास्थ्य केन्दों व सरकारी अस्पतालों में मुक्त मिलती है। सफेद दाग कुष्ठ रोग नहीं है।


