भारत मे मौजूद डीप स्टेट की मौजूदगी स्वतन्त्रता के बाद से ही रही है ओर भारत उस समय से ही हमेशा उनके कंट्रोल मे रहा था उस समय के इंग्लैंड की छत्र छाया मे देश की राजनीती चलती रही थी न चाहते हुवें भी सरदार पटेल को प्रधानमंत्री न बनाते हुवें नेहरू को बनाया गया था
ज़ब नेहरू के बाद शास्त्री जी देश के प्रधानमंत्री के रूप मे खडे हुवें तो उनको भी इन्ही लोगो ने उनकी हत्या करवा दी गयीं थी ज़ब देश आजाद हुआ तो चुनचुन कर देश भक्तो को देश व देश की राजनीति से दूर रखा गया था
ऐसे ही थे एक गुमनामी बाबा जिन्हे सुभाष चंद्र बोस के रूप मे माना जाता था करीब 60 साल से ये लोग भारत की राजनीती को प्रभावित करते रहें है ओर उस समय की सरकार उनके सहयोग से ही चलती रही थी
इस समय देश मे तकरीबन 150 से 200 लोग जोकि अमेरिका की डीप स्टेट के सहयोगी है साथ ही वो एजेंसी जो आजकल चर्चा मे नहीं रहती है इंग्लैंड की MI6 उसके साथ ही भारत विरोधी अन्य देशो की एजेंसीया जिनकी संख्या 1500 से 2000 हो सकती है जो देश के विपक्ष के साथ मिलकर देश को अस्थिर करने का प्रयास करती रहती है
अभी पिछले वर्ष चाइना मे देश के प्रधानमंत्री को अपने टारगेट पर लिया था किन्तु रूस की एजेंसी की मदद से वह प्रयास फेल हो गया था
इज़राइली खुफिया एजेंसी मोसाद ने अपनी खुफिया रिपोर्ट में यह खुलासा किया है मोदी विरोधी, भाजपा विरोधी, आरएसएस विरोधी और सनातन विरोधी कैनार्ड को हिंदू बताने वाला ध्रुव राठी वास्तव में कौन है
इसका असली नाम बदरु रशीद है, पूरा नाम बदरुद्दीन रशीद लाहौरी है. इसका जन्म लाहौर, पाकिस्तान में हुआ था, उसकी पत्नी जूली ईसाई नाम भी एक पाकिस्तानी विशेष समुदाय से है जिसका असली नाम ज़ुलैखा है.
ये कुख्यात वैश्विक गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम के कराची के गुप्त अलीशान बंगले में रहता हैं जहां ISI और पाकिस्तानी सेना की Y+ और Z+ सुरक्षा उसे प्रदान की जाती है.
बदरुद्दीन राशिद (ध्रुव राठी के रूप में नकली) की फंडिंग पाकिस्तान, चीन, मालदीव, कनाडा, रूस, तुर्की और पेंडोरा से आती है, कभी कभी जॉर्ज सोरोस के खाते से. हालांकि अब इस हिंदू विरोधी, भारत विरोधी तत्व का भंडाफोड़ हो चुका है बदरुद्दीन राशिद उर्फ़ ध्रुवराठी की सच्चाई देशहित में बताएं.
