नगर परिषद की 38 दुकानों में अस्थाई रूप से बैठे दुकानदारों में से 36 दुकानें खाली करवाई
2 दुकानों को सील किया
एक दुकानदार हाई कोर्ट इंदोर से स्टे लाया
कलेक्टर के आदेश पर की कार्रवाई
जांच कर हितग्राहियों को दुकान दिलाई जाएगी/ विधायक मनोज चौधरी
21 वर्ष पहले दुकान लेने के लिए कर्ज लेकर राशि जमा कर रसीद कटवाने वाले दुकानदारों को अभी भी है दुकाने मिलनेका इंतजार
समय देने के लिए अधिकारी के पैरों में बैठा दुकानदार
हाटपीपल्या अनिल धोसारिया नगर परिषद द्वारा करीब 21 वर्ष से पहले नगर पंचायत के सामने देवगढ़ चौराहे पर बनाई गई दुकानो में से करीब 38 दुकानों की नीलामी तत्कालीन जिलाधीश महोदय द्वारा एक जनप्रतिनिधि द्वारा आपत्ति लेने पर रोक दी गई थी
जिनकी आवंटन की प्रक्रिया आज दिनांक तक नहीं होने के कारण खाली पड़ी दुकानों पर नगर के अस्थाई दुकानदारों द्वारा अस्थाई रूप से बेठकर करीब 20 साल से दुकानलगा कर अपने वह अपने परिवार का जीवन यापन किया जा रहा था शुक्रवार को इन दुकानदारों को यहां से अंतिम नोटिस देकर भारी पुलिस बल लेकर दुकानदारों को हटाकर खाली दुकानों पर नई चद्दर ठोकी गई इस कार्रवाई में नगर परिषद द्वारा एसडीएम तहसीलदार व थाना प्रभारी एवं कई पुलिस जवानों हाटपीपत्या तहसील के समस्त कोटवार एवं नगर परिषद के समस्त सफाई मित्रों एक जेसीबी व ट्रैक्टर ट्राली के सहयोग से नगर परिषद कर्मचारीयों ने दुकानों पर वर्षों से बैठे करीब 21 साल से बैठें दुकानदारों से दुकाने मुक्त करवाई।
नगर परिषद मुख्य अधिकारी कर्मचारी एवं राजस्व विभाग के अधिकारी थाना प्रभारी एवं पुलिस द्वारा शुक्रवार सुबह 10 बजे देवगढ़ चौराहे पर 38 दुकाने खाली करवाने की कार्रवाई शुरू की गई।
नगर परिषद द्वारा कई बार अतिक्रमण करने वाले प्रभावशाली लोगो व वह दुकानदार जिन्होंने उसे समय 85000 वह 45000 रुपए इधर-उधर से कर्ज लेकर दुकानों के लिए नगर पंचायत में जमा करवाए थे और उन्हें अभी तक दुकान नहीं दी गई बल्कि हर बार उन सभी दुकानदारों को भी नोटिस दिये गये थे अंतिम नोटिस दुकान खाली करने का 2 दिन पहले ही दिया गया था। कई बार नोटिस देने के बाद भी जब दुकाने खाली नहीं हुई तो नगर परिषद राजस्व विभाग पुलिस विभाग तीनों ने मिलकर दुकान खाली करवाने की संयुक्त
कार्यवाही की। सूत्रों की जानकारी अनुसार 38 दुकानों में से कई दुकानों पर प्रभावशाली नेताओं का कब्जा था कहीं खाली दुकानों पर यहां पर रहने वाले स्थानीय रहवासियों ने गाय बैल को खिलाने वाला भूसा भर रखा था पर इन सभी में से कई दुकानदार ऐसे भी है जिन्होंने 38 दुकानों में से अपनी दुकान लेने केलिए 21 साल पहले दुकान लेने के लिए नगर पंचायत में दुकान की राशि जमा की गई थी एवं नगर परिषद से रसीद भी ली गई थी ऐसे दुकानदार भी दुकानो मैं दुकान लगाकर अस्थाई रूप से बैठे थे वह अपने परिवार का लालन पोषण भरन पोषण कर रहे थे। उनसे भी कार्रवाई के दौरान दुकाने खाली करवाई है
36 दुकाने खाली करवा ली गई दो दुकानों को सील किया गया
एक दुकानदार ताबड़तोड़ इंदौर पहुंचकर हाई कोर्ट से स्टे ले आया लेकिन यह आने के पहले ही अधिकारियों द्वारा कार्रवाई कर दुकान को सील कर दिया गया था इस दुकानदार ने अधिकारियों के हाथ पैर भी जोडे याद रहे इंदौर जाने और आने में 4 घंटे का समय लगता है यहां से इंदौर 60 किलोमीटर है शनिवार रविवार होने के कारण सोमवार को इस दुकानदार का निराकरण होने की संभावना है। भारी धूप में सील कि गई दुकान के बाहर बैठा स्टे ऑर्डर लाने वाला दुकानदार ।
वर्जन
विधायक मनोज चौधरी ने पत्रकार अनिल धोसरिया को बताया कि हाटपीपल्या नगर परिषद की 38 दुकानों पर अस्थाई रूप से बैठे दुकानदारों से दुकाने खाली करवाने की कार्रवाई प्रशासन द्वारा की गई। साथ ही जिन दुकानदारों ने दुकान लेने के लिए पैसे जमा करवा कर रसीद कटवाई थी उन दुकानदारों की जांच की जाएगी। व सभी पात्र लोगों को दुकान दिलवाई जाएगी
विधायक मनोज चौधरी हाटपीपल्या
हाटपीपल्या 094459 खाली दुकानों पर चद्दर ठोकी
हाटपीपल्या 121632 अधिकारियों को कागज दिखाते हुए दुकानदार
हाटपीपल्या 094457 सील कि दुकान के बाहर बैठा स्टे ऑर्डर लाने वाला दुकानदार



