जय श्री कृष्णजैसा कि हर बार की तरह हमारे त्यौहार व्रत आदि में संसय बना रहता है अभी भी प्रश्न उठ रहा हैवैसे ही कई लोगो के द्वारा पूछा गया की हम अष्टमी नवमी किस दिन पूजन करे ? जय श्री कृष्ण आप जैसे हर बार पूजन करते आ रहे है उसी समय मे पूजन करे ''''दिनांक 9सप्तमी बुधवार, दिनांक 10 अष्टमी गुरुवार, दिनांक 11नवमी शुक्रवार है कोई मन मे संशय संदेह न करे तीनो ही दिन पूरे समय प्रातः दोपहर सांयम व रात्रि में 789 रहेगी सप्तमी युक्त अष्टमी में पूजन नही करना चाहिए सही है पंचांगों में उज्जैन के तीनों में सूर्य उदय से मात्र प्रातः बुधवार को1,19 मिनिट तक छट है उसके बाद सप्तमी दिनभर व रात्रि पर्यन्त रहेगी गुरुवार को सूर्य उदय के समय सप्तमी मात्र1:5मिनट रहेगी बाद अष्टमी प्रातः दोपहर सांयम एवम रात्रि पर्यन्त अष्टमी गुरुवार को रहेगी!दिनांक 11 शुक्रवार को सूर्यउदय के समय अष्टमी मात्र19 मिनिट की रहेगी इसके बाद नवमी प्रातः दोपहर सांयम एवम रात्रि पर्यन्त 9 रहेगी इसलिए हमे हमारी कुल देवी का पूजन श्रद्धा समर्पण व भाव पूर्वक करना है कोई संदेह न करे मातारानी के पूरे नवरात्रि के सभी दिन श्रेष्ठ है जैसे श्रावण शिव जी के लिए जन्मास्टमी श्रीकृष्ण जी के लिए, दोनों नवरात्रि मातारानी के लिए श्री राम जी के लिए श्री राम नवमी इनमे कोई मुहूर्त देखने की आवश्यकता नही होती है ठीक वैसे ही मातारानी कुलदेवी का पूजन करे माता तो रक्षा करने वाली दया की मूर्ति करुणा की सागर वात्सल्य प्रेम की मूर्ति है तो वह अपने भक्तों का कैसे अहित कर सकती है जय माता दी सभी को पुनः जय श्री कृष्ण पंचांगकर्ता,पंचांग संपादक सभी अपना अपना अलग अलग मत बता रहे है कोई 12 को नवमी पूजन करने की कह रहे है कई बार हमने देखा नवरात्रि में सप्तमी के साथ अष्टमी पूजन किया गया है