वैसे तो देवास नगर निगम की कार्यप्रणाली हमेशा से ही लाजवाब रही है लेकिन क्या देवास में कोई भी राजनेता या अधिकारी ऐसा नही है जोकि नगर निगम के इन अधिकारियों पर अंकुश लगा सके
हम बात कर रहे हैं देवास नगर निगम देवास की यहाँ पर जो भी योजनाओं को राज्य सरकार या केंद्र सरकार के द्वारा भेजा जाता है लेकिन यहाँ के इंजीनियरों व अधिकारियों के द्वारा पूर्ण रूप से पूरा करे बगैर ही बाले बाले पलीता लगाकर देवास नगर के नागरिकों के साथ छलावा किया जा रहा है
देवास नगर निगम के द्वारा केन्द्र सरकार की महती योजना अमृत 1.0 को देवास नगर निगम के अधिकारियों ने पूरा हुवे बगैर ही इस योजना को पूरा मान कर भुगतान की तैयारी कर ली गयी है
इस योजना है जेमको बिल्डकॉन प्रायवेट लिमिटेड दिल्ली व वेपसकोज कम्पनी के साथ मिलकर नगर निगम देवास को कार्ययोजना को पूरा करे बगैर ही अधिकारियों ने कागजो पर ही सारी योजना को पूर्ण दर्शाकर मिली भगत से भुगतान करने की तैयारी कर ली गयी है
कम्पनी ने 156 किलोमीटर पीने के पानी की लाइन डालनी थी मात्र140 किलोमीटर ही डाली गई
अम्रत योजना के 22000 कनेक्शन नही किये गए हैं
मात्र 07 ओवरहेड टेंक बनाये गए है
न ही कंट्रोल रूम बनाया गया है व पानी की गुणवत्ता को दरकिनार कर दिया गया है
गौरतलब है कि यह योजना भाजपा के प्रथम प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर बनायी गयी थी जो कि वर्ष 2016 को देवास नगर निगम को मिली थी,वर्ष 2018 में कार्य आरंभ किया गया था 2023 तक योजना अनुसार कार्य पूर्ण हो जाना था लेकिन अधिकारियों ने इसके मूल उद्देश्य को ही अलग कर मनमाने ढंग से इस योजना की मूल भावना के खिलाफ कार्य करके देवास नगर की जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया गया है
बिना कंट्रोल रूम व बिना पानी की गुणवत्ता को जांचे देवास नगर के नागरिकों के स्वास्थ्य के साथ देवास नगर निगम के अधिकारियों ने मात्र अपने आर्थिक हितों का ध्यान रखते हुए इस योजना को पलीता लगा दिया है ।
