यु तो देवास में कांग्रेस को सिर्फ कमलनाथ गुट से ही माना जाता है क्योंकि बिना भय्या की मर्जी के पत्ता भी नही हिलता है लेकिन जब भी एक जुट होने की बात होती है तो सभी लोग एक जगह इक्कठा होकर मिल लेते है लेकिन दिल नही मिलते
वैसे भी देवास में अरुण यादव गुट, सुरेश पचौरी गुट, दिग्विजयसिंह गुट व कमलनाथ गुट है, यादव गुट के शौकत हुसैन, पचौरी गुट की रेखा वर्मा, दिग्विजयसिंह गुट के प्रदीप चौधरी, कमलनाथ गुट के मनोज राजानी लेकिन बिना सज्जन भय्या के कुछ भी नहीं होता है
नगरी निकाय चुनावों में देवास में टिकिटों का वितरण इस प्रकार किया गया कि कांग्रेस चारो खाने चित हो गई जीतने वाले लोगों को छोड़कर समझौतों पर टिकट वितरित किये गए थे
कोरोना काल के समय से प्रदीप चौधरी जनसेवा के कार्यों में लगे हुए थे और माना जा रहा था कि प्रदीप चौधरी को ही इस बार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस अपना प्रत्याशी बनाएगी लेकिन जब भी प्रदीप चौधरी देवास की पटरी पर आते है कांग्रेस के संगठन के द्वारा उनको पटरी से उत्तार दिया जाता है
अभी बीच में एक उद्योगपति प्रवेश अग्रवाल ने कमलनाथ गुट के माध्यम से देवास की कांग्रेसी राजनीति में उतरे है लेकिन वह नही जानते है कि यह वह देवास है जहां पर सालो पहले सभी कांग्रेसियों ने मिलकर कसम खायी थी कि किसी भी बाहरी व्यक्ति का विरोध करेंगे और फिर भी टिकट मिल गया तो...........
वैसे भी देवास कांग्रेस और भाजपा के मध्य नूरा कुश्ती प्रतियोगिता आयोजित की जाती है
वैसे भी टिकट के लिए बहुत सारे जतन करने पड़ते हैं लेकिन अब जब उद्योगपति जी ने मुड़ बनाया है तो ठीक है अभी उनके जन्मदिन पर आयोजन हुआ था इसके पहले उनका जन्मदिन शहर भर में मनाया जाता था लेकिन इस बार न जाने क्या हुआ कि इनका जन्मदिन गार्डन में ही सीमित हो कर रह गया
सूत्रों के अनुसार शहर में कोई अन्य समस्या उत्पन्न न हो इसके लिए फोन गया था इसीलिये आयोजन को गार्डन में रखा गया था वहाँ पर भी उस तरह का आयोजन नही हो पाया क्योंकि भय्या के सभी समर्थक भय्या के विधानसभा क्षेत्र में अभी से लग गये है
अंदर खाने की खबर है कि यदि प्रवेश अग्रवाल को टिकट नहीं मिलने की स्थिति में देवास के एक ऐसे नेता के नाम पर अग्रवाल जी राजी है जो पार्षद का चुनाव भी नही जीते है उनके साथ खाना खाते हुए कही थी व प्रदीप चौधरी की शिकायत प्रदेश अध्यक्ष से महापौर चुनाव के प्रत्याशी से करवाई गई ताकी प्रदीप चौधरी को रोका जा सके
लेकिन कॉग्रेस हाई कमान प्रदेश स्तर पर प्रदीप चौधरी की कावड़ यात्रा की सफलता ने सभी को जवाब दे दिया है शायद इसीलिए कोई भी बड़ा नेता प्रदीप चौधरी की काँवड़ यात्रा में नही आया
