यूं तो मध्य प्रदेश में चुनाव होने में समय है लेकिन केंद्रीय गृहमंत्री व पूर्व भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने चुनाव की कमान अपने हाथों में ले ली है श्री अमित शाह जी को चुनावी गणितज्ञ माना जाता है मध्य प्रदेश का चुनावी संचालन अपने हाथों में लेते से ही अमित शाह जी ने वह कर दिखाया जिसकी कल्पना कांग्रेस ने कभी की ही नहीं थी सबसे पहले उन्होंने मध्य प्रदेश की 39 सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए ताकि 2018 के चुनाव में जहां पर भाजपा को हर का सामना करना पड़ा था और बीजेपी मध्य प्रदेश में चौथी बार सरकार बनाने से चूक गई थी साथ ही अमित शाह जी ने ऐसी सीटों पर संभावित उम्मीदवारों को इशारा देकर तैयारी करने को कह दिया है जहां से उन्हें चुनाव मैं उतर जाएगा ऐसी ही सीट कालापीपल विधानसभा क्षेत्र है जहां पर वर्तमान में कांग्रेस के कुणाल चौधरी वर्तमान विधायक है उनके सामने देवास के वर्तमान महाराज विक्रम सिंह पवार को इशारा देते हुए कालापीपल को अपना कार्य क्षेत्र बना लेने को कहा गया है और मुख्यमंत्री से मिलने के बाद देवास के महाराज विक्रम सिंह पवार ने दलबल के साथ कालापीपल विधानसभा क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज करना शुरू कर दी है यह विधानसभा सीट पूरे मध्य प्रदेश में चर्चा का विषय बन गई है जहां पर एक युवा के मुकाबले में एक युवा को उतार कर भाजपा ने कांग्रेस को बेचैन कर दिया है अभी फिलहाल अमित शाह के दोनों गांव से कांग्रेस को कुछ भी समझ में नहीं आ रहा है और आने वाले समय में कांग्रेस को भाजपा के रणनीतिकार अमित शाह की कई और सालों से रूबरू होना पड़ेगा देवास महाराज विक्रम सिंह पवार को विधानसभा क्षेत्र काला पीपल में काफी अच्छा रिस्पांस मिल रहा है भाजपा का फोकस है कि जिन जगहों पर भाजपा नहीं जीती है अबकी बार उन सीटों पर पूरा दम लगाकर लड़ना है और वह सभी सिम जहां बीजेपी हारी है उन्हें भाजपा के प्रत्याशी के रूप में विजई बनाने की कोशिश जारी है



