कलेक्टर श्री गुप्ता की अध्यक्षता में पी.सी.एण्ड पी.एन.डी.टी. एक्ट कार्यशाला संपन्न
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देवास, 04 मई 2023/ गर्भधारण पूर्व एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक (लिंग चयन प्रतिषेध अधिनियम 1994 के अंतर्गत गर्भधारण पूर्व एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक का दुरूपयोग रोकने एवं इसके औचित्यपूर्ण प्रयोजनों के लिये, उपयोग को विनियमित करने के उद्देश्य से पी.सी.एण्ड पी.एन.डी.टी. एक्ट के तहत कलेक्टर श्री ऋषव गुप्ता की अध्यक्षता में होटल रामाश्रय में कार्यशाला का आयोजन किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एम.पी.शर्मा, सिविल सर्जन डॉ एस.के.खरे, ईडी एमपी वोलेन्टरी हेल्थ एसोसिएशन श्री मुकेश कुमार सिंहा, वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रियदर्शनी पाण्डे, डॉ. रश्मि दुबे, विधायक प्रतिनिधि श्री भरत चैधरी, सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमति प्रिया शर्मा, श्रीमति वीणा महाजन, जिला सलाहकार समिति एवं जिला स्तरीय निरीक्षण दल के सदस्य, सहित जिले के सोनोग्राफी सेंटर सोनोलॉजिस्ट एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यशाला में कलेक्टर श्री गुप्ता ने कहा कि जिले में पीसीपीएनडी एक्ट के तहत दिशा-निर्देशों का पालन किया जाएं। सभी सोनोग्राफी सेन्टरों पर अच्छी सेवायें दी जाएं। निजी सोनोग्राफी सेन्टरो पर भी शासकीय अस्पतालों में आने वाली महिलाओं की रोटेशन अनुसार सोनोग्राफी कि सुविधा दी जाएं, जिससे शासकीय अस्पतालों के साथ निजी सेन्टरों पर भी समय पर महिलाओं की सोनोग्राफी हो सके। साथ ही आकस्मिक परिस्थितियों मे निजी अस्पताल के चिकित्सक विशेषज्ञों कि सेवाये शासकीय अस्पताल में देकर मरीजों का उपचार करने कि बात कही। खरे नर्सिंग होम द्वारा फील्ड में कार्य करने वाले स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का कार्यकम आयोजित कर सम्मानित करने पर प्रसन्नता जाहिर की और कहा कि इसी तरह अन्य निजी अस्पताल भी समय समय पर फील्ड के कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहित करे जिससे शासकीय और निजी सभी स्वास्थ्य सेवकों में उत्साह रहे।
कार्यशाला में डॉ. प्रमोद बापना द्वारा पी.सी.एण्ड पी.एन.डी.टी. एक्ट के तहत मासिक रिपोर्ट कि बारे में विस्तार से बताया जिले के सभी सेन्टर आनलाईन फार्म मे समस्त जानकारियों को समय पर अपडेट किया जाना चाहिये जिसकी शासन स्तर पर नियमित समीक्षा और निगरानी कि जाती है।
कार्यशाला में डॉ.नीरज खरे द्वारा कन्या भूण हत्या जो कि समाज कि लिये खतरा है पूर्व में मानव कि मानसिकता होती थी कि घर का वारिस पुत्र होता है और वंश बढाने के लिए लडकों को ज्यादा महत्व दिया जाता रहा। वर्तमान में भी कहीं न कही लड़की के होने पर परिवार में लड़के की चाह बनी रहती है। गर्भधारण पूर्व एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक (लिंग चयन प्रतिषेध अधिनियम 1994 के अंतर्गत गर्भधारण पूर्व एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक का दूरूपयोग रोकने एवं इसके औचित्यपूर्ण प्रयोजनों के लिये, उपयोग हेतु हम सब को जागरूक होने कि आवश्यकता है। लडकियो के द्वारा देश का नाम रोशन हुआ उनके नाम और कार्य के बारे में बताया गया।
ई.डी एमपी वोलेन्टरी हेल्थ एसोसिएशन और सदस्य पी.सी.एण्ड पी.एन.डी.टी. श्री मुकेश कुमार सिंहा द्वारा गर्भधारण पूर्व एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक लिंग चयन प्रतिषेध अधिनियम 1994, एक्ट के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कार्यशाला में सभी सदस्यों से प्रश्नोत्तरी द्वारा रोचक तरीके से जिला सलाहकार समिति एवं जिला स्तरीय निरीक्षण दल के कार्य और दायित्व को समझाया गया ये समिति और दल किस प्रकार एक्ट के नियमो को जिले मे प्रभावी रूप से क्रियान्वयन करेगे के बारे मे और मेडिकल इश्यू और सामाजिक इश्यू के चरणो को विस्तार से बताया गया। कार्यक्रम को संचालन जिला मलेरिया अधिकारी डॉ रश्मि दुबे ने किया और आभार सिविल सर्जन डॉ एस.के.खरे ने माना।

