सफलता की कहानी
स्व सहायता समूह से जुड़ने के बाद ग्राम मिर्जापुर की श्रीमती रेणु पटेल बनी आत्मनिर्भर
-------
श्रीमती रेणु पटेल आज 11 अप्रैल को मुख्यमंत्री श्री चौहान से साझा करेंगी अपने अनुभव
-----------
श्रीमती पटेल आत्मनिर्भर बनने पर मुख्यमंत्री श्री चौहान को दे रही है धन्यवाद
--------
देवास, 10 अप्रैल 2023/ स्व सहायता समूह से जुड़ने के बाद महिलाओं के जीवन में उल्लेखनीय बदलाव आ रहे हैं और वे आत्मनिर्भर बन रही है। साथ ही सालाना अच्छी आय भी अर्जित कर रही है। इन्हीं महिलाओं में देवास विकासखंड के ग्राम मिर्जापुर निवासी श्रीमती रेणु पटेल हैं। स्व सहायता समूह से जुड़ने के पश्चात उनके जीवन में उल्लेखनीय बदलाव आ रहे हैं और वे आत्मनिर्भर बन रही है। स्व सहायता समूह से जुड़ने के बाद वे अब सालाना अच्छी आय अर्जित कर रही है। श्रीमती रेणु 11 अप्रैल को भोपाल में मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित होने वाले संकुल संगठन अध्यक्ष सम्मेलन में शिरकत करेंगी तथा मुख्यमंत्री श्री चौहान के अपने जीवन के अनुभव साझा करेंगे।
श्रीमती रेणु पटेल ने बताया कि विकासखण्ड देवास में 5 संकुल स्तरीय संगठन है। जिसमें उनके संकुल का नाम बिजासन संकुल स्तरीय संगठन सन्नौड़ है। माँ बिजासन संकुल संगठन में कुल 48 ग्राम के 292 स्व सहायता समूह की कुल 4033 परिवार जुड़े है। उनके संकुल संगठन का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों की आजीविका को मजबूत करना और प्रत्येक परिवार को कम से कम तीन आजीविका गतिविधियों से जोड़कर उनकी वार्षिक आय 01 लाख 25 हजार से 2 लाख रुपए को अधिक करना है। समूह सदस्यों के आर्थिक सशक्तिकरण एवं आजीविका संवर्धन के लिये सीआईएफ राशि 2 करोड़ रूपए तथा बैंक से 3 करोड़ 74 लाख रूपए का ऋण प्राप्त कर 3448 परिवार कृषि पशु पालन एवं लघु उद्यम गतिविधियों से लाभांवित किये गये हैं। जिनमें 2477 परिवार वर्ष में 1 लाख 25 हजार से 2 लाख रूपये तक की आय प्राप्त कर लखपति श्रेणी में शामिल हो गये हैं।
समृद्धि की ओर अग्रसर संकुल संगठन अध्यक्ष रेणु पटेल मेहनत कर बनी लखपति परिवार की सदस्य
श्रीमती रेणु पटेल ने मिर्जापुर ग्राम देवास विकासखण्ड जिला देवास की रहने वाली है। स्व सहायता समूह से जुड़ने के बाद रेणु पटेल ने स्व सहायता समूह से ऋण लेकर सर्वप्रथम अपने पति को कृषि हेतु साधन उपलब्ध करवायें। इसके पश्चात रेणु पटेल के परिवार एवं समाज का आजीविका मिशन के स्वसहायता समूहों के प्रति विश्वास बढ़ा। रेणु पटेल ने ग्राम में 02 स्व सहायता समूहों से कुल 19 स्व सहायता समूह का गठन किया। इसी प्रकार आजीविका मिशन से प्रशिक्षण लेकर दूसरे गावों में भी स्व सहायता समूह का गठन किया गया।
रेणु पटेल ने बताया कि इस कार्य से 48 ग्राम संगठन के सदस्यों ने मिलकर उन्हें संकुल संगठन का अध्यक्ष चुना। संकुल संगठन से जुड़ने के बाद रेणु पटेल द्वारा समूह सदस्यों को प्रेरित कर के कुल 292 स्व सहायता समूह में 4033 परिवारों को जोड़ा। रेणु पटेल द्वारा अपने ग्राम मिर्जापुर के सभी परिवारों को स्व.सहायता समूह से जोड़कर सभी परिवारों के सदस्यों को आजीविका गतिविधियों से जोड़ा गया एवं अपने ग्राम के 45 बेरोजगार युवक एवं युवतियों को कंपनी में रोजगार दिलाया गया। वर्तमान में रेणु पटेल के प्रयास से अपने ग्राम के पूरे 196 परिवार की आय 10 हजार माह से अधिक हैं और इनके द्वारा अपने ग्राम मिर्जापुर के साथ-साथ ग्राम रतेड़ी को भी समृद्ध ग्राम में शामिल किया गया। रेणु पटेल द्वारा अपने स्वसहायता समूह से गेहूं उपार्जन का कार्य भी किया जा रहा हैं।


