सफलता की कहानी
सरकार की किसान हितैषी योजनाओं एवं कृषि विभाग से प्राप्त मार्गदर्शन पाकर ग्राम अतवास के कृषक श्री अनिल राठी ने खेती को बनाया लाभ का धंधा
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शासन की योजनाओं के संचालन के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी व मुख्यमंत्री श्री चौहान को दे रहे हैं धन्यवाद
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देवास, 22 फरवरी 2023/ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा चलाई जा रही किसान हितैषी योजनाओं से अब कृषिलाभ का धंधा बन रही है। कृषकगण इन योजनाओं का लाभ पाकर एवं कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन पाकर आधुनिक एवं उन्नत खेती कर रहे हैं तथा अच्छा लाभ कमा रहे हैं। इन्हीं किसानों में देवास जिले की सतवास तहसील के ग्राम अतवास निवासी कृषक अनिल कुमार राठी हैं। जिन्होंने शासन की योजनाओं का लाभ पाकर एवं कृषि विभाग के मार्गदर्शन में खेती करना प्रारंभ किया तथा खेती को लाभ का धंधा बनाया। आज वे खेती अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं तथा अच्छे फसल पाते हैं। वे खुश होकर किसान हितैषी योजनाओं के संचालन के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान को हृदय से धन्यवाद दे रहे हैं।
कृषक श्री अनिल कुमार राठी ने बताया कि पूर्वजों से प्राप्त कृषि पर कृषि कार्य करते हैं तथा उनके पास 22 एकड़ भूमि है। यह जमीन पूर्ण सिंचित है। जिस पर वे परम्परागत तरीके के खेती कार्य करता थे जिसमे लागत अधिक लगती एवं मुनाफा कम होता था। यही सोच उनके मन में कसक रहती थी कि खेती में लागत को कम कैसे किया जाये और कैसे मुनाफा कमाया जाए। इसी बीच उन्हें वर्ष 2010 में हमारे क्षेत्रीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री राजेन्द्र यादव के सम्पर्क में आया एवं उनसे इस सम्बन्ध में चर्चा की गई तो उन्होंने खेती में नई तकनीकों का उपयोग एवं संतुलित मात्रा में रासायनिक उर्वरक एवं कीटनाशक का उपयोग करने की सलाह एवं प्रशिक्षण दिया।
कृषक श्री राठी ने बताया कि क्षेत्रीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री यादव से प्रेरित होकर उन्होंने कृषि विभाग की योजनाओं से जुड़कर पाइपलाइन, स्प्रीकलर सेट, वि़द्युत पंप एवं बायोगैस संयत्र एवं फसल प्रदर्शन अनुदान पर प्राप्त कर अपने खेत पर स्थापित किया। खरीफ फसल में मुख्य रुप से सोयाबीन की नवीन उन्नत किस्में का प्रयोग कर जे.एस. 1516, जे.एस. 2013 आदि किस्मों की बोनी की, जिसमे जे.एस. 2117, जे.एस. 1516 की उत्पादन 25 क्विंटल प्रति हेक्टेयर प्राप्त हुआ। रबी में चना फसल 10 एकड़ में उन्नत किस्मों की बोनी कर स्प्रिंकलर द्वारा सिंचाई की जाकर 20-22 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उत्पादन ले रहा हैं। वे बताते हैं कि गेहूँ फसल लगभग 10 एकड़ में गेहूँ फसल की किस्में डी.बी.डब्लू. 303, सी.306, सुगन्धा 711 की बानी की है जो लगभग 50 से 60 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उत्पादन दे रही है। इसके अतिरिक्त जायद फसल मे मूंग की फसल लगभग 10 एकड मे कर 20 क्विंटल प्रति हेक्टेयर की उपज लेकर लाभ कमा रहा हूँ।
कृषक श्री राठी ने बताया कि क्षेत्रीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री यादव द्वारा उन्हें बीजोपचार कल्चर उपचार की जानकारी दी गई। जिसमें ट्राईकोडर्मा,पी.एस.बी. राईजोबीयम एवं एजोक्टोबेक्टर को बताये तरीके से शत-प्रतिशत बीज उपचारित कर बोनी कर रहा है। इसके अतिरिक्त वर्मी कम्पोस्ट खाद बायोगैस सेलरी का उपयोग कर रासायनिक उर्वकों का 50 प्रतिशत कमी कर गुणवत्ता पूर्ण उपज प्राप्त कर रहे हैं।
वे बताते हैं कि वर्तमान में कृषि विभाग के सहयोग एवं मार्गदर्शन प्राप्त कर एक एकड़ में प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। इसके साथ ही 30 देसी गाय का पालन कर रहे हैं जिससे उन्हें दूध, दही, छाछ, घी एवं गोबर गौमुत्र प्राप्त होता है। जिसे वे अपने घर एवं खेती मे उपयोग करता हैं। गाय का घी 1500 रुपये प्रति किलो ग्राम में बिक्री हो जाती है। घर पर जीवामृत, घनामृत, गोकृपामृत एवं वर्मी कम्पोस्ट पीट तैयार किया जाकर खेत में उपयोग कर रहे हैं। वे बताते हैं कि रबी फसल मे प्रकृतिक खेती के अन्तर्गत एक एकड़ में गेहूँ सी.306 किस्म की 25 किलो प्रति एकड़ बीज उपयोग कर बोनी की गई है जिसमें बीजोपचार ट्राईकोडर्मा विरीडी एवं गोमुत्र से उपचारित किया जाकर खेत मे 25 क्विंटल वर्मीकम्पोस्ट खाद एवं घनजीवामृत डालकर गेहूँ फसल बोई। फसल अभी अच्छी अवस्था मे है।
वे सभी किसानों से आग्रह करते हैं कि फसल चक्र वर्मी कम्पोस्ट खाद, जैविक खाद एवं दवाई का उपयोग कर अवनी फसलों की लागत मे कमी तथा कीट बीमारी व अपनी मिट्टी की रक्षा कर अच्छी उपज देने वाली बनाए। वे शासन की योजना के संचालन के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान को धन्यवाद दे रहे हैं। साथ ही कृषि विभाग के सभी अधिकारियों को भी धन्यवाद देते हुए कहते हैं कि उनके मार्ग दर्शन एवं सलाह खेती लाभ का धंधा बना।


