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देवास में भी स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों अधिकारियों व कर्मचारियों ने हड़ताल की मरीजों को होना पड़ा परेशान

 यूं तो मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई है उसका मुख्य कारण वर्ष 1987 से तृतीय व चतुर्थ कर्मचारियों की भर्ती नहीं हुई है जिसमें कंपाउंडर ड्रेसर वार्ड बॉय आया की भर्ती नहीं की गई है मध्य प्रदेश के समस्त जिलों में रेडियोलॉजिस्ट पैथोलॉजिस्ट ऑर्थोपेडिक सर्जन ईएनटी स्पेशलिस्ट आंखों के डॉक्टर सर्जन महिला प्रसूति विशेषज्ञ एवं निश्चेतक चिकित्सकों की भर्ती नहीं की गई वही 2010 से  सीएमएचओ एवं सिविल सर्जन की नियुक्ति बंद है प्रभारी बनाकर सीएमएचओ व सिविल सर्जन की नियुक्ति की जा रही है अब हम आपको बताने वाले हैं कि जिला चिकित्सालय के निर्धारित पदों में कितने डॉक्टर हैं और कितने नहीं कितने कर्मचारी हैं और कितने कर्मचरी होना चाहिए जिला चिकित्सालय देवास  500 बेड का अस्पताल है यहां पर 40 डॉक्टर क्लास वन होने चाहिए लेकिन मात्र 14 डॉक्टर से काम चलाया जा रहा है इमरजेंसी विभाग में 10 डॉक्टर होने चाहिए मात्र 5 से काम चलाया जा रहा है आंखों के डॉक्टर तीन होने चाहिए मात्र एक से काम चलाया जा रहा है ईएनटी विभाग में 4 डॉक्टर होने चाहिए 2 डॉक्टर से काम चलाया जा रहा है अस्पताल में चार सर्जन होने चाहिए दो सर्जन से काम चलाया जा रहा है आर्थोपेडिक विभाग में 4 डॉक्टर होने चाहिए दो से काम चलाया जा रहा है पूरे अस्पताल में वार्ड बॉय आया के 200 पद हैं मात्र 98 लोगों से काम चलाया जा रहा है आया के 30 पदों 6 लोगों से काम चलाया जा रहा है इस हड़ताल पर जाने की डॉक्टरों अधिकारियों और कर्मचारियों में असंतोष अधिकांश जो कर्मचारी कार्यालय में काम कर रहे हैं या अस्पताल में काम कर रहे हैं वह संविदा नियुक्ति पर है और प्रशासन डरा धमका कर कार्य करने को मजबूर कर रहा है गौरतलब है कि जिला प्रशासन का तृतीय श्रेणी का कर्मचारी जिला चिकित्सालय में क्लास 1 डॉक्टर को सार्वजनिक तौर पर अपमानित कर देता है वही प्रशासक जिला अस्पताल प्रशासनिक अधिकारी डॉक्टरों को जेल में डालने की धमकी देता है और सबसे बढ़िया बात तो यह है कि जिस प्रशासनिक अधिकारी के कार्यकाल में घोटाला होता है वह तो बच जाता है और निर्दोष डॉक्टर को सस्पेंड कर दिया जाता है ऐसी ही अनेक विषमताओं के कारण देवास जिला चिकित्सालय के डॉक्टरों अधिकारियों व कर्मचारियों ने हड़ताल पर जाने का संकल्प लिया है