#पुलिस_स्मरणोत्सव_दिवस पर..
रात को आँखो मे नीद नही, ना दिल मे करार,
ये मोहब्बत नही, खाकी की नौकरी है मेरे यार।
वर्दी वालो के जीवन का भी अजब फ़साना है,
तीर भी चलाना है और परिन्दे को भी बचाना है।
#पुलिस_स्मरणोत्सव_दिवस_उद्धरण_स्थिति
राष्ट्र की रक्षा और राष्ट्र सेवा पूर्ण सुविधा और निष्ठा के साथ
देश की आतंरिक रक्षा की जिम्मेदारी पुलिस को सौंपी गई है। देशभर के अलग-अलग हिस्सों में होने वाली हिंसा या अन्य किसी घटना में हर साल कई पुलिसकर्मी शहीद हो जाते है। जिनकी याद में हर साल 21 अक्टूबर को पुलिस शहीद दिवस मनाया जाता है।
अतः अपना फर्ज़ निभाते समय अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीद जवानों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि एवं शत शत नमन।